मकान का पिलर गिर जाने से दब कर 50 वर्षीय किसान की मौत हो गई। किसान की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। उधर कुदैना में सगे भाइयों के मकान की छत गिरने से मलबे में दब कर हजारों का नुकसान हो गया।
चार दिन लगातार हुई बारिश के कारण कच्चे और पक्के सभी मकानों की दीवारों ने पानी पी लिया। जिन मकानों की छत मिट्टी की बनी है, उनमें नीचे पानी टपक रहा है। जिसके कारण मकानों की छत और दीवारें जवाब देने लगी हैं। प्रकृति की मार का सबसे बड़ा कहर खाद गुर्जर गांव में देखने को मिला। गांव निवासी 50 वर्षीय जतनपाल सिंह मंगलवार की सुबह नौ बजे चारा काटने की मशीन के नीचे से पशुओं के लिए डालने को चारा भर रहे थे। इसी बीच मकान का पिलर गिर गया। जिसके मलबे के नीचे दब कर वह बुरी तरह घायल हो गए। परिजन उनको उपचार के लिए ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में दम तोड़ दिया। किसान की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
उधर थाना क्षेत्र के गांव कुदैना चक में दो भाइयों के मकान की दीवार गिर गई। गांव निवासी मनोज व कमल सगे भाई हैं। सोमवार की रात दोनों भाइयों के परिवार पड़ोस में जाकर सो गए थे। उनको मकान की छत या दीवार गिर जाने की पहले से ही आशंका थी। रात 12 बजे दोनों के मकानों की छत गिर जाने से घर में रखा हजारों का सामान दबकर खराब हो गया। थाना प्रभारी राजेश कुमार तिवारी का कहना है कि उनको अभी सूचना नहीं मिली है।