अरहर की दाल के साथ हरी सब्जी और रोटी थीं मुलायम सिंह यादव की खास पसंद
गजरौला (अमरोहा)। अरहर की दाल और हरी सब्जियाें के साथ रोटियां सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का पसंदीदा भोजन था। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य रमाशंकर कौशिक की बेटी अमिता कौशिक को आशीर्वाद देने 1992 में गजरौला आए। तब उन्होंने अपने पसंदीदा भोजन का जिक्र किया था। संभल लोक सभा से चुनाव लड़ते समय वह रमाशंकर कौशिक के आवास पर जरूर आते थे। उनके आने पर अरहर की दाल और हरी सब्जी बनाई जाती थी। 29 नवंबर 2008 को रमाशंकर कौशिक का निधन हो जाने पर चार दिन बाद उनके परिवार को सांत्वना देने आए थे। यह उनका गजरौला में आखिरी बार आगमन था।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य पूर्व राज्य सभा सांसद, पूर्व नगर विकास, सहकारिता और उच्च शिक्षा मंत्री रमाशंकर कौशिक अवंतिका नगर निवासी होने के कारण सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का गजरौला से खासा रिश्ता रहा है। रमाशंकर कौशिक के बेटे राहुल कौशिक और पौत्र विपिन कौशिक ने बताया कि रमाशंकर कौशिक ने 1992 को अपनी बड़ी बेटी अमिता कौशिक की शादी की। मुलायम सिंह यादव उनकी बेटी को आशीर्वाद देने गजरौला में आए। यहां कई घंटे रहे थे। शादी में उन्होंने अरहर की दाल के साथ सादा रोटी खाईं। वह दिखावे से दूर रहते थे। राहुल कौशिक और विपिन कौशिक का कहना है कि मुलायम सिंह यादव जब भी संभल लोकसभा सीट से चुनाव लड़े और दिल्ली आते जाते समय भी काफी देर तक रमाशंकर कौशिक के आवास पर बैठ कर चुनाव की रणनीति बनाते थे। 29 नवंबर-8 में पूर्व कैबिनेट मंत्री रमाशंकर कौशिक का निधन हुआ। चार दिन बाद परिवार को सांत्वना देने मुलायम सिंह गजरौला में आए। उनके निधन से गजरौला औद्योगिक नगरी में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने राहुल कौशिक को सांत्वना देते हुए कहा था कि मैं हूं ना। यह शब्द आज भी लोगों के जेहन में ताजा है।
गजरौला को पालिका और रमाबाई कॉलेज भी मुलायम की देन राहुल कौशिक ने बताया कि उनके पिता रमाशंकर कौशिक 1990 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री थे। उनके कहने पर अपने मुख्यमंत्री काल में मुलायम सिंह यादव ने रमाबाई आंबेडकर कॉलेज का शिलान्यास किया। उनकी सरकार गिर जाने पर यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। 1995 में दोबारा सरकार बनी तो कॉलेज बना। इसके अलावा गजरौला नगर पंचायत थी। 18 मई 2005 को मुलायम सिंह ने बछरायूं में गजरौला को नगर पालिका बनाए जाने की घोषणा की। जिसके दस साल बाद गजरौला को नगर पालिका का दर्जा दिया गया।