अमरोहा के नौगांवा सादात में खेत पर काम करने गए किसान की एलटी लाइन के तार की चपेट में आकर मौत हो गई। खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने बिजली अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। शव को बिजलीघर कर हंगामा किया।
ग्रामीणों का आक्रोश देख कर्मचारी बिजली घर में ताला लगाकर फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा कर शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बिजली अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर देने की बात कही है। ये घटना नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव जब्दा में हुई। यहां पर 52 वर्षीय किसान बहादुर सिंह का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी बबीता देवी के अलावा दो बेटे हिमांशु और गौरांक हैं। आरोप के मुताबिक, उनके खेत के ऊपर से एलटी लाइन के तार गुजर रहे हैं। इस संबंध में कई बार उन्होंने बिजली अधिकारियों से तारों को दुरुस्त कराने की मांग की थी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
शुक्रवार की सुबह 7:30 बजे बहादुर सिंह अपने बड़े बेटे गौरांक के साथ गन्ने के खेत से घास काटने गए थे। घास काटते समय अचानक बिजली का तार उनके चेहरे से छू गया। तभी उनकी करंट लगने से मौत हो गई। आनन-फानन में उनके बेटे गौरांक के शोर मचाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान ग्रामीणों ने फोन कर बिजली कटवाई और बहादुर सिंह को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क गया। परिजन शव लेकर बहादुरपुर खुर्द बिजली घर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाया और मृतक किसान के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की। परिजनों का आक्रोश देख कर कर्मचारी बिजली घर में ताला लगाकर मौके से फरार हो गए। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली एक्सईएन और एसडीओ को फोन किया। लेकिन किसी ने भी फोन रिसीव नहीं किया। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर संत कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को समझा कर शांत किया। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया हैं। इंस्पेक्टर संत कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।