भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन पर बसों में जबरदस्त भीड़ देखी गई। बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। रोडवेज बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। बैठने को लेकर धक्का-मुक्की का माहौल रहा। डिपो में बस पहुंचते ही उसमें चढ़ने को लेकर आपाधापी मची रही। बसों को लेकर बहनें इधर-उधर भटकती रहीं। त्योहार पर उमड़ी बहनों की भीड़ के सामने परिवहन निगम के दावे फैल साबित होते दिख रहे है। बहनों को बसों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा। दुश्वारियां के बीच बहने भाइयों के घर पहुंचीं और स्नेह की डोर बांधी। शुक्रवार को भी राखी का पर्व मनाया जाएगा।
परिवहन निगम ने रक्षाबंधन पर बहनों को बसों की बेहतर सेवा मुहैया कराने का दावा किया था। डिपो पर 75 बसें हैं। लेकिन त्योहार पर उमड़ी भीड़ के आगे रोडवेज की बस सेवा बौनी साबित हुए है। सुबह से ही बहनें बसों के अभाव में इधर-उधर भटकती देखी गई। डिपो में बसों के इंतजार में काफी देर बैठना पड़ा। रोडवेज की व्यवस्था नाकाफी साबित हुई है। भीड़ के आगे बसों की संख्या कम पड़ गई। जिसके चलते बहनों को बसों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा। पूरे दिन बसों को लेकर मारामारी रही। अमरोहा डिपो से लेकर जोया तिराहे पर भीड़ देखी गई। डिपो पर बस पहुंचते ही उसमें चढ़ने के लिए आपाधापी का माहौल रहा धक्का मुक्की होती रही। बहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बस के अंदर सीट को लेकर भी मारामारी की स्थिति बनी रही। भीड़ का आलम यह था कि जल्द पहुंचने के चक्कर में बहनों ने खिड़की के सहारे बच्चों के बस के अंदर किया।
रक्षाबंधन के पर्व पर बाईपास मार्ग पर दिन भर जाम लगा रहा। पुलिस को यातायात सुचारु रखने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। लोगों को भी काफी परेशानी हुई। रक्षाबंधन पर्व के मौके पर अपनी बहिनों के यहां जाने वालों की भारी भीड़ रही। बाइपास मार्ग पर बड़ी संख्या में छोटे व बड़े वाहनों की लाइन लगी थी। रोडवेज की बसों में यात्रा करने वालों की भी भारी भीड़ थी। सवेरे 10 बजे से शाम छह बजे तक बाईपास मार्ग पर जाम लगा रहा। संवाद