रानी बस्तौरा में पानी भरने के बाद इस तरह के हालात बने हुए हैं
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बिजनौर बैराज से तीन दिन पूर्व गंगा में पानी छो़ड़े जाने के बाद से खादर क्षेत्र में स्थिति खराब हो गई है। बाढ़ में घिरे गांव विशावली में आवाजाही का रास्ता न मिलने से किसान प्रताप सिंह बुखार से तप रही अपनी तीन वर्षीय बेटी वंशिका को इलाज के लिए नहीं ले जा सके।
बृहस्पतिवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर वंशिका ने दम तोड़ दिया। खादर के अधिकांश गांयों तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। गांव विशावली में कहीं चार तो कहीं पांच फीट तक पानी है। प्रताप सिंह ने बताया कि बेटी को तीन दिन पहले बुखार आया था।
बाढ़ के कारण उसे गांव से चिकित्सक तक ले जाना संभव नहीं हो सका। समय पर इलाज न मिलने से उसकी जान चली गई। पूर्व में गजरौला क्षेत्र के गांव मंदिर वाली भुड्डी वाली में बाढ़ के कारण इलाज न मिलने से प्रसूता जोगिंद्री की मौत हो गई थी।
अफसरों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में इलाज व अन्य जरूरतें पूरी कराने के लिए नाव लगाई जा रही हैं।