दोनों बुधवार को निकाह करने वाले थे। परवेज पिछले कुछ दिनों से उर्स देखने के बहाने आयशा के घर पर ही ठहरा हुआ था। बुधवार सुबह जब बच्चे सोकर उठे तो कमरे में आयशा का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। वहीं, परवेज मौके से फरार था। मृतका के 17 वर्षीय बेटे साहिल ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुपट्टे से गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने परवेज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सैदनगली पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही थीं।
तड़के करीब चार बजे पुलिस गंगा एक्सप्रेसवे पर उझारी-सांपा मार्ग के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो उसने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी।
अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदोरिया ने बताया कि आरोपी द्वारा चलाई गई गोली सिपाही शिवा हुड्डा के बाएं बाजू को छूते हुए निकल गई। जवाबी फायरिंग में एक गोली आरोपी परवेज के दाहिने पैर में लगी। घायल होने के बाद वह मौके पर ही गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं।