भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी कायाकल्प योजना में अमरोहा पूरी तरह से फिसड्डी साबित हुआ है। जिले का कोई भी अस्पताल मानक के अनुसार खरा नहीं उतरा है। गुणात्मक सुधार न मिलने पर प्रमुख सचिव चिकत्सा एवं परिवार कल्याण ने अमरोहा सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
सूबे के समस्त सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कायाकल्प अवार्ड योजना की शुरुआत की गई थी। यह योजना सभी जिला अस्पतालों के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से लागू की गई है। इसके तहत ग्रेडिंग के मानकों पर खरे उतरने पर अस्पतालों को 50 लाख रुपये दिए जाते हैं। इस धनराशि को अस्पताल की सुविधाओं पर खर्च किया जाता है। योजना का लाभ उठाने के लिए निर्धारित चेकलिस्ट के मानक अनुसार तीन चरणों इंटर्नल, पिअर और एक्सटर्नल असेसमेंट में किए जाने के पश्चात अवार्ड की योग्यता निर्धारित की जाती है। अमरोहा के जिला अस्पताल, गजरौला सीएचसी, बरछायू सीएचसी और रजकपुर पीएचसी इस योजना अंतिम दौर में चयन से बाहर हो गई।
अमरोहा के अलावा प्रदेश के 27 जिलों के सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प नहीं हो पाया है। जिसपर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने अमरोहा सहित प्रदेश के 27 जिलों के सीएमओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।