भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीमारियां बढ़ रहीं हैं। तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया है। गर्म हवा के थपेड़ों ने चेहरे की रंगत उड़ा दी है। भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार और डायरिया के मरीजों की भरमार रही।
बच्चे भी हो रहे बीमार
डॉ. चरन सिंह ने बताया कि गर्मी ज्यादा होने के कारण बच्चों में सबसे ज्यादा केस डायरिया के हैं और इसके बाद वायरल बुखार के मामले आ रहे हैं। जिन बच्चों में डायरिया होने पर शरीर में पानी की कमी होती है, उन मरीजों को भर्ती भी करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि डायरिया होने पर बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाते रहे और गर्मी से बचाव के तरीके अपनाने चाहिए और चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए।
डिहाइड्रेशन के लक्षण