अमरोहा के सराफ योगेश अग्रवाल के बेटे इशांक अग्रवाल के गलत कदम से पूरा घर बिखर गया है। पिता व बहन की हत्या के बाद इशांक और उसकी पत्नी जेल चले गए हैं तो उनका दस साल का बेटा भी बेघर हो गया है। कुछ दिन पहले तक आबाद मकान उजड़ गया है।
मकान पर ताला लटका हुआ है तो मोहल्ले में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। हर कोई कह रहा है कि आखिर इशांक इतना निर्दयी क्यों बन गया। शुक्रवार की रात नगर के मोहल्ला कटरा गुलाम अली में रहने वाले सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनकी बेटी सृष्टि की घर में ही गला रेतकर हत्या कर दी गई।
शनिवार सुबह पिता-पुत्री के शव कमरे में फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़े मिले थे। 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि इशांक अग्रवाल ने अपने पिता योगेश चंद्र अग्रवाल और बहन सृष्टि की हत्या करने की योजना बनाई।
हत्या करने के लिए इशांक अग्रवाल ने अपनी दिल्ली स्थित फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर अनिल गंगवार को पैसों का लालच देकर अपने घर बुलाया और अपनी पत्नी मानसी अग्रवाल के साथ मिलकर पिता योगेश चंद्र अग्रवाल और बहन सृष्टि की दरांती से गला रेत कर हत्या कर दी थी।
वजह, सब कुछ होने के बाद भी संपत्ति के विवाद में इशांक व उसकी पत्नी ने इतना बड़ा और भयानक कदम उठाया। उधर, इस घटना से पूरा परिवार ही बिखर गया है। इशांक और उसकी पत्नी अपनी करनी के चलते जेल जा चुके हैं तो उनका 10 साल का बेटा भी बेघर हो गया है।
हालांकि, उसके मामा संजीव व मोहित उसे अपने साथ दिल्ली ले गए। जबकि, मोहल्ले में स्थित मकान वीरान हो गया है। घर के आसपास का माहौल भी अलग तरह का नजर आ रहा है। मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है।