नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के नया गांव खंडसाल कलां के मूल निवासी बसपा नेता राम अवतार सिंह इसी कॉलोनी में काफी समय से रहते हैं। वह और पत्नी किरन लता कुछ समय से अस्वस्थ हैं। सोमवार को राम अवतार सिंह अपनी पत्नी, बेटी शिवानी और भाई के बेटे लवलेश के साथ दवा लेने मेरठ गए थे। घर पर बेटा अश्वनी ही अकेला था। परिवार की घर वापसी से पहले ही किसी समय अश्वनी ने पिता के लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर जान दे दी।
परिजनों ने बताया कि सोमवार रात जब मेरठ से लौटे तो मेन गेट (फाटक) भीतर से लॉक था। ताला ऎसा था, जिसे बाहर से भी खोल सकते थे। एक चाबी परिजनों के पास थी। इससे ताला खोलकर सभी छत के रिहायशी भाग में पहुंच गए। बेटे अश्वनी को वहां न देख मान लिया कि वह नीचे गेस्टरूम में सो गया होगा। कुछ समय बाद बेटी शिवानी नीचे पहुंची तो भाई को खून से लथपथ पड़ा देखा। उसके दाएं हाथ के पास पिता का रिवाल्वर पड़ा था। शिवानी की चीख निकल गई। इस पर परिवार के सभी लोग वहां पहुंचे और अश्वनी की आत्महत्या की जानकारी हुई।
सूचना मिलते ही सीओ सिटी शक्ति सिंह, इंस्पेक्टर पंकज तोमर पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। एएसपी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। एसपी अमित कुमार आनंद के निर्देश पर फोरेंसिक व फिंगरप्रिंट टीम ने मौके से नमूने लिए। पुलिस ने बताया कि मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजन आत्महत्या का कारण नहीं समझ पा रहे हैं। मृतक का मोबाइल फोन, लैपटॉप और रिवाल्वर कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। हो सकता है कि फोन से कुछ राज खुल सके।
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कुछ दिन पहले ही दिल्ली से आए थे अश्वनी व शिवानी
राम अवतार सिंह की बेटी शिवानी दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रही है। दिल्ली में ही अश्वनी की सीए की पढ़ाई चल रही थी। भाई-बहन कुछ दिन पहले दिल्ली से अमरोहा स्थित घर आए थे।
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शिक्षक की नौकरी छोड़ राम अवतार ने पकड़ी थी सियासी राह
मूलरूप से नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के नया गांव खंडसाल कलां निवासी बसपा नेता राम अवतार सिंह करीब 30 साल से अमरोहा की आवास विकास कॉलोनी में रह रहे हैं। साल 2007 में निजी शिक्षक की नौकरी छोड़कर वह राजनीति में सक्रिय हुए थे। बहुजन समाज पार्टी में वह अमरोहा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में मुरादाबाद मंडल के मुख्य सेक्टर प्रभारी हैं।
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बेसुध हो गईं मां, नहीं थम रहे बहन के आंसू
इकलौते बेटे अश्वनी की आत्महत्या ने माता-पिता को तोड़ दिया। मां किरन लता बेहोश हो गईं। होश आने पर शव से लिपटकर बार-बार बेटे का नाम पुकारतीं और उठ खड़ा होने के लिए कहतीं। बहन शिवानी के भी आंसू थम नहीं रहे थे। दुखी परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। परिजनों को सांत्वना दे रहे रिश्तेदारों व बसपा नेताओं के समझाने पर पुलिस शव कब्जे में ले सकी।
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पढ़ाई में होशियार, रहता था रिजर्व
परिजनों व परिचितों ने बताया कि अश्वनी पढ़ाई में होशियार था। शुरुआत से ही उसने सीए बनने का लक्ष्य तय किया था। अब फाइनल पूरा करने की तैयारी थी। लोगों से कम बोलना और रिजर्व रहना उसका मिजाज था। कोई यह नहीं समझ पा रहा कि खामोश प्रकृति के अश्वनी के मन में वो कौन सा भूचाल आया जो उसने इस तरह का कदम उठा लिया।
अब पुलिस की निगाह फोन और लैपटॉप के डिटेल पर
परिजन और पुलिस घटना को शुरुआत से आत्महत्या मान रहे हैं लेकिन इसकी वजह नहीं समझ पा रहे। पढ़े-लिखे लड़के के हाथ का कोई नोट न मिलने का कारण भी समझ में नहीं आ रहा है। पुलिस का कहना है कि अश्वनी के मोबाइल फोन और लैपटॉप का लॉक पैटर्न विशेषज्ञों से जानकर जांच की जाएगी। उम्मीद है कि कॉल डिटेल या लैपटॉप पर सेव किसी मेल या कथन से घटना का कारण स्पष्ट हो सके। उसका सोशल मीडिया अकाउंट भी देखा जा रहा है। परिजनों ने मोबाइल फोन या लैपटॉप का पासवर्ड मालूम न होने की बात कही है।
- युवक ने आत्महत्या की है। उसने अपने पिता के रिवाल्वर से खुद को शूट किया है। उसने आत्महत्या क्यों की, परिवार वाले कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। मृतक का फोन और लैपटॉप अभी लॉक हैं। इनसे आत्महत्या के कारण से संबंधित जानकारी मिल सकती है। विशेषज्ञ जांच कर रहे हैं। - अमित कुमार आनंद, एसपी