लिहाजा सोमवार की दोपहर राम अवतार,पत्नी किरन लता,बेटी शिवानी और बड़े भाई के बेटे लवलेश के साथ दवाई लेने मेरठ गए थे। इस दौरान अश्वनी घर पर अकेला था। रात को करीब 10:15 बजे सभी लोग घर पहुंचे तो भीतर से गेट बंद था।
इस दौरान दूसरी चाबी का इस्तेमाल करके सभी लोग घर की दूसरी मंजिल पर चले गए। अश्वनी को घर में नहीं होना पाकर उसकी बहन प्रथम तल पर बने कमरे में पहुंची तो यहां उसका खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था।
उसके सिर से खून बह रहा था। दाएं हाथ के पास लाइसेंसी रिवाल्वर पड़ी हुई थी। अश्वनी ने दाएं कनपटी से सटाकर गोली मारी, जो सिर के पार हो गई। भाई अश्वनी को लहूलुहान हालत में देखकर शिवानी की चींख निकल गई।
इसके बाद बसपा नेता राम अवतार सिंह और किरन लता भी नीचे आ गए। चीखपुकार सुनकर कॉलोनी के लोगों की भीड़ जमा हो गई। हर कोई नजारा देखकर अचंभित रह गया। सूचना मिलते ही सीओ सिटी शक्ति सिंह, इंस्पेक्टर पंकज तोमर फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और जांच पड़ताल की।
एएसपी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। एसपी अमित कुमार आनंद के निर्देश पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। छानबीन के दौरान पुलिस ने मौके से लाइसेंसी रिवाल्वर, मृतक अश्विनी का मोबाइल फोन और लैपटॉप कब्जे में लिया है।
इस दौरान पुलिस में बसता नेता राम अवतार और उनके परिवार के सदस्यों से जानकारी जुटाने की कोशिश की। काफी प्रयास करने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो सका की बसपा नेता के बेटे ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।