अमरोहा। दिल्ली एनसीआर के उद्योगपतियों को भी अमरोहा पसंद आ रहा है। स्थिति यह है कि जिले में 108 उद्यमियों ने 5070 करोड़ रुपये के निवेश के लिए सहमति दी, लेकिन इनमें बड़ी संख्या में दिल्ली-एनसीआर के उद्यमी हैं जो अमरोहा में अपना उद्योग स्थापित करना चाहते हैं। अमरोहा उन लोगों की पसंद बना हुआ है। विभागीय अधिकारियों की माने तो अकेले दिल्ली एनसीआर के उद्यमियों ने करीब ढाई हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव दिया है। अब उद्यमियों द्वारा दिए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की कवायद की जा रही है।
जिले में 108 उद्यमियों ने निवेश के प्रस्ताव प्रशासन को सौंपे हैं। बड़ी बात ये है कि उद्यमियों की पहली पसंद गजरौला और चौधरपुर है। अधिकांश उद्यमियों ने इन्हीं दोनों क्षेत्रों में अपना उद्योग स्थापित करने हामी भरी है। दूध उत्पादन और पशुपालन में अमरोहा आगे बढ़ेगा। समिट में पहुंचे निवेशकों और उद्यमियों ने खाद्य, ऑटोमोबाइल, कारपेट, इलेक्ट्रानिक्स, डेयरी प्लांट, डेयरी प्रोडेक्ट, टैक्सटाइल, शीतल पेय, दवा पेस्टिसाइड, केमिकल इलेक्ट्रॉनिक, पोल उपकरण मैन्युफैक्चरिंग, आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण और गोट फार्म, पोल्ट्री फार्म, कंप्रेसिव बायोगैस सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने की इच्छा जाहिर की है। वहीं बड़ी संख्या में उद्योग स्थापित होंगे तो भूमि की भी आवश्यकता पड़ेगी। ऐसे में जिला प्रशासन ने हाईवे किनारे ग्राम पंचायत, ग्राम समाज व अन्य सरकारी भूमि को चिह्नित करना शुरू कर दिया है, जिससे जरूरत पड़ने पर उद्यमियों को भूमि उपलब्ध कराई जा सकेगी।
दिल्ली-एनसीआर के उद्यमी अमरोहा में उद्योग स्थापित करने आ रहे हैं, ये अच्छी बात है। जिले को अभी तक 5070 करोड़ निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। जिसमें करीब 25 हजार करोड़ के प्रस्ताव दिल्ली-एनसीआर के उद्यमियों के हैं। विकास यादव, उपायुक्त, जिला उद्योग विभाग
प्रशासन को इनके मिले प्रस्ताव
कंपनी-रुपये
पैरामाउंट होम्स कलेक्शन-1.5 करोड़
एसी ब्रदर्स50 करोड़
कमलेश पेपर मिल50 करोड़
प्रकाश वूलन5
करोड़ रेलियबल बायो एनर्जी इंडस्ट्री4.7 करोड़
सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट लिमिटेड50 करोड़
जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड50 करोड़
बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड40 करोड़
अपेक्स क्रॉप प्राइवेट लिमिटेड-2 करोड़
स्टोनमैन क्राफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड-50 करोड़
लोपन मेटल ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड7 करोड़
राज स्नेह एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड1 करोड़
तेवा एपीआई लिमिटेड-33 करोड़
एसकेजी न्यू लुक-5 करोड़
राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स12 करोड़
आरएसीएल250 करोड़
रियलटाइम बायोमैट्रिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड80 करोड़
ये हैं चुनौतिया
- उद्योगों की स्थापना के लिए महंगी जमीनें हैं, उद्योग के रास्ते में रोड़ा।
- परिवहन सेवाओं की कमी के कारण शहर के बाहर उद्योग स्थापित करने में होती है दिक्कतें।
- बैंकों से ऋण समय से नहीं उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे तमाम प्रस्ताव फाइलों में दबकर ही रह जाते हैं।
- महंगी बिजली और कुशल श्रम की कमी भी आती है आडे़।
- उद्यमियों को अधिकारियों के चक्कर लगाने से मिले छूट।
व्यापारियों की ये है मांगें
- जिले में परिवहन सुविधाओं का टोटा
- परिवहन सेवा सुदृढ़ हो तो ढोलक कारोबार का माहौल बने
- ट्रेनों की संख्या बढ़े और सड़कों की हो मरम्मत
- परिवहन को भी सुदृढ़ बनाया जाए
- जिले में कराई जाए लकड़ी डिपो की स्थापना