दुष्कर्म के आरोपी को पकड़ने आई असमोली थाना पुलिस ने अधिवक्ता मोहम्मद जावेद अख्तर को उठाकर जबरन सरकारी कार में बैठा लिया। अधिवक्ता ने पुलिसकर्मियों पर राइफल की बट और लात-घूंसों से पीटने का भी आरोप लगाया है।
इस दौरान घर की छत से परिजनों ने वीडियो बना लिया, जिसमें पुलिसकर्मी अधिवक्ता को सरकारी कार में बैठाकर खिड़की बंद करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, बाद में पुलिस ने अधिवक्ता को वहीं छोड़ दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक भी हुई।
पीड़ित अधिवक्ता ने एसपी अमरोहा को शिकायती पत्र देकर असमोली थानाध्यक्ष समेत नौ पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ता मोहम्मद जावेद अख्तर डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव चौधरपुर के रहने वाले हैं। वह अमरोहा कचहरी में प्रैक्टिस करते हैं।
आरोप है कि सोमवार की रात एक बजे अपने घर पर सो रहे थे। तभी असमोली थानाध्यक्ष हरीश कुमार व मंसूरपुर चौकी प्रभारी 6-7 पुलिसकर्मियों के साथ घर में घुस आए और अधिवक्ता मोहम्मद जावेद अख्तर के साथ-गाली गलौज करने लगे। बाद में मारपीट करते हुए थाने की सरकारी गाड़ी में जबरदस्ती बैठा लिया।
पुलिसकर्मियों पर घर की महिलाओं के साथ भी अभद्रता करने का आरोप है। परिजनों ने घर की छत से पूरी घटना का 2 मिनट 5 सेकंड का वीडियो बना लिया। जिसमें छह पुलिसकर्मी अधिवक्ता मोहम्मद जावेद अख्तर को कार में बैठाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, खुद की वीडियो बनता देख पुलिस कर्मियों ने अधिवक्ता मोहम्मद जावेद अख्तर को तुंरत कार से उतार दिया। इस दौरान जावेद अख्तर और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर नोक झोंक भी हुई।
पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता मोहम्मद जावेद अख्तर से बाबू नाम के व्यक्ति के बारे में पूछा तो उन्होंने बाबू से कोई संबंध नहीं होने की बात कही। जानकारी मिलते ही डिडौली पुलिस मौके पर पहुंच गई और विवाद को शांत कराया।
इस मामले में अधिवक्ता मोहम्मद जावेद अख्तर ने एसपी कुंवर अनुपम सिंह को शिकायती पत्र देकर असमोली थाना प्रभारी हरीश कुमार, मंसूरपुर चौकी इंचार्ज व 6-7 अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, एसपी ने शिकायत के आधार पर प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।