फर्जी नाम और पते पर परिवहन विभाग में कई एंबुलेंस दर्ज हैं। यह पते कस्बा जोया व धनौरा क्षेत्र के दर्शाए गए हैं। नोएडा में शराब तस्करी के मामले में पकड़ी गई एंबुलेंस का पता धनौरा का दिया है, लेकिन वह फर्जी पाया गया।
इससे साफ है कि एंबुलेंस यहां पर रजिस्टर्ड कराकर शातिर दूसरे प्रदेशों व जनपदों में खुलेआम चला जा रहे हैं, जिन पर शिकंजा कसने के लिए परिवहन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
परिवहन विभाग में करीब 300 एंबुलेंस रजिस्टर्ड हैं। इनमें से लगभग 200 एंबुलेंस धनौरा व कस्बा जोया के मोहल्ला इकबाल नगर के पता दिखाकर पंजीकृत की गई हैं, लेकिन पता ठीक है या नहीं, इसकी जांच के लिए आज तक किसी भी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं छेड़ी है।
न तो पुलिस ने ही कार्रवाई की है और न ही विभागीय अफसरों ने। विभाग में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ये एंबुलेंस कहां चल रही हैं, इसके बारे में भी किसी को पता नहीं है। बता दें कि दो दिन पहले नोएडा में एक एंबुलेंस पुलिस ने पकड़ी थी, जिसमें हरियाणा से शराब लादकर दो युवक बिहार जा रहे थे।
रजबूपुरा कोतवाली पुलिस ने जो खुलासा किया, वह वाकई चौंकाने वाला था। एंबुलेंस पर अमरोहा का नंबर यूपी 23 जे-3074 दर्ज था, लेकिन पकड़े गए युवक दरभंगा निवासी मुरली मनोहर राय, बुलंदशहर निवासी मनोज था।
शराब बिहार के दरभंगा ले जाई जा रही थी। पुलिस ने जब पड़ताल की तो यह एंबुलेंस अजय एंबुलेंस सर्विस सेंटर धनौरा के पते पर दर्ज मिली। तलाशने के बाद भी यह सेंटर नहीं मिला है। इससे साफ हो गया है कि एंबुलेंस गलत पते पर पंजीकृत कराई गई है।