घाटी में भारी हिंसा के चलते अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। वहां के हालात बिगड़े हुए हैं। काफी संख्या में श्रद्धालु बीच में फंस गए हैं। इसमें अमरोहा क्षेत्र से 12 से अधिक श्रद्धालु भी शामिल हैं। इनमें कुछ कारीगर भी हैं, जो वहां भंडारा लगाने के लिए गए हैं। पंजतरनी से यात्रा आगे नहीं बढ़ रही है। वहीं पर अमरोहा के लोग ठहरे हुए हैं। परिजन लगातार अपनों से संपर्क साधे हुए हैं।
आतंकी बुरहान की मौत के बाद से कश्मीर घाटी सुलग उठी है। घाटी में हिंसा के चलते हजारों अमरनाथ यात्री फंस गए हैं। बीच में ही यात्रा को रोक दिया गया है। इंटरनेट और रेल सेवाएं बंद हैं। वहां यातायात सेवा बुरी तरह से प्रभावित है। अमरोहा शहर के काफी लोग अमरनाथ यात्रा पर गए हैं। इनमें अधिकांश लोग अमरोहा के मोहल्ला छंगा दरवाजे के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बताया कि श्री मानव सेवा समिति हसनपुर द्वारा मोहल्ला छंगा दरवाजे के कई लोग अमरनाथ यात्रा पर गए हैं। वे वहां हलवाई, कारीगर का काम करेंगे। समिति द्वारा अमरनाथ यात्रा पर भंडारा लगाया जाता है। कुछ उनमें से श्रद्धालु भी है, जो अमरनाथ यात्रा पर गए हैं। इनमें राकेेेश पुत्र तेजपाल, अखिल पुत्र टेकचंद, संजीव पुत्र नेता, पूरन पुत्र शंकर, संजीव पुत्र राम निवास, विपिन पुत्र पुरुषोत्तम, मन्नू पुत्र किशोर, अमित पुत्र राजकुमार, बाबू पुत्र मन्ना, अखिल पुत्र रामलाल, गंगराम, जितेंद्र आदि हैं। ये सभी लोग पंजतरनी में फंसे हुए हैं।
भाजपा के नगर अध्यक्ष राकेेेश वर्मा ने बताया कि अमरोहा शहर के जो लोग अमरनाथ यात्रा पर गए हैं, उनके परिजनों से बात की गई है। उनका कहना है कि सभी लोग सकुशल हैं। पंजतरनी पर यात्रा रुकी हैं। परिजन लगातार उनसे संपर्क साधे हुए हैं।