रजबपुर। कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू का धरना पंद्रहवें दिन भी जोया टोल प्लाजा पर जा रही रहा। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कहा कि तीन कृषि कानून किसानों के हित में नहीं हैं। कानून रद्द होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह ने कहा कि किसान लंबे समय से गाजीपुर बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही है। यह किसानों के साथ अन्याय है। सरकार को चाहिए कि एमएसपी को कानून के दायरे में लाए। किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस हों। कृषि कानून किसानों के हित में नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कृषि कानूनों को रद्द कर किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नए कानून बनाएं जाएं। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों द्वारा बेचे गए गेहूं का जल्द से जल्द भुगतान कराया जाए। फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाए। किसानों को गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति कुंतल दिया जाए। गन्ने का बकाया भुगतान शीघ्र दिलाया जाए। नलकूप की बिजली फ्री की जाए। इस दौरान हरपाल सिंह, विजय पाल सिंह, सहदेव, मुकेश कुमार, मोहन सिंह, अंकित, राजीव बेनीवाल, बादशाह बेनीवाल, मोनू, धीरज, तेजपाल सिंह, राजपाल सिंह, मेवाराम, सचिन, शीशपाल सिंह, जसपाल सिंह, मोहन सिंह आदि मौजूद रहे।