मंडी धनौरा। अखिल भारतीय साहित्य परिषद व संस्कार भारती की ओर से अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के मौके पर शनिवार की देर शाम काव्य संध्या का आयोजन किया गया। साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से हिंदी भाषा व देशभक्ति का महत्व बताया। परिषद की ओर से साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
मोहल्ला महादेव में आयोजित काव्य संध्या में जनपद की वरिष्ठ साहित्यकार शशि त्यागी ने कहा कि आज हिंदी पूरे विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली तीसरी भाषा है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा व्याकरण व अलंकार के दृष्टिकोण से सर्वाधिक समृद्ध है।
काव्य संध्या में हेमनंदन शर्मा ने हिंदी का गुणगान करते हुए कहा कि सजेगी माथे पर हिंदी तो होगा नाज हिंदी पर चलेगी सांस हिंदी में तो होगा नाज हिंदी पर। कवि दीपक कुमार ने कहा कि मेरे देश में युवाओं का बोलबाला है, युवा शक्ति से मेरा देश निराला है। साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से पूरा माहौल हिंदीमय बना दिया। नरदेव सिंह ने वक्त के साथ साथ बदलते परिवेश में मातृ भाषा को बढ़ावा देने की अपील की गई।
साहित्य परिषद की ओर से वरिष्ठ साहित्यकार शशि त्यागी, बांकेलाल सारस्वत, श्योनाथ सिंह को सम्मानित किया गया। इस मौके पर यतींद्र कटारिया, राजकुमार पाल, ब्रहमदेव आर्य, हर्ष अमरोही आदि मौजूद थे।