बृहस्पतिवार को अहोई अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। महिलाएं अपनी संतानों की सुख समृद्धि और लंबी आयु के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखेंगी। इसके लिए शनिवार को महिलाओं ने बाजार में व्रत उपासना और बच्चों से संबंधित वस्तुओं की खरीदारी की। शहर के मुख्य बाजार में महिलाओं अहोई अष्टमी व्रत कथा की किताबें और कैलेंडर भी खरीदे। वहीं, मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ रही।
दिवाली को लेकर को लेकर बाजार सजना शुरू हो गए हैं। सुबह से लेकर शाम तक दूरदराज के क्षेत्रों से लोग खरीदारी के लिए बाजारों में आ रहे हैं। लेकिन, बुधवार को अहोई अष्टमी को लेकर बाजार में भीड़ रही। नगर के कोट, सराफा बाजार, लकड़ा, बड़ा बाजार, जट बाजार में खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ रही। बाजार में चांदी की अहोई माता और दाने मढ़वाकर माला तैयार कराने वालों की ज्यादा भीड़ नजर आई। ऐसी मान्यता है कि अहोई अष्टमी का व्रत संतान की दीर्घायु और खुशहाली के लिए रखा जाता है। कुछ महिलाएं तारे तो कुछ चांद देखकर उसे अर्घ्य देकर ही व्रत खोलती हैं।