पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के इंतजार में 36 घंटे तक मोर्चरी पर रखा रहा उजमा कौसर का शव
गजरौला (अमरोहा)। फेसबुक मित्र के हाथों कत्ल हुई हैदराबाद की उजमा का शव पोस्टमार्टम होने के बाद 36 घंटे तक मोर्चरी पर रखा रहा। दोपहर परिजनों की पुलिस से बात हुई। उन्होंने अमरोहा से पांच सौ किमी दूर बताया। शव लेने के लिए एंबुलेंस लेकर आ रहे हैं। पुलिस से हुई बात के आधार पर परिजन देर रात तक पहुंच सकते हैं।
हैदराबाद के निजामाबाद निवासी उजमा कौसर को उसके फेसबुक मित्र अमरोहा के चिल्ला मोहल्ला निवासी शहजाद ने मंगलवार की रात सिर में ईंट से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। उजमा कौसर फेसबुक मित्र शहजाद के साथ शादी करने की जिद कर रही थी। छह नवंबर को घर से चली उजमा कौसर आठ नवंबर को गजरौला आ गई थी। शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम कराया। मगर परिजन नहीं आने के कारण पोस्टमार्टम के बाद शव को फ्रीजर में रखवा दिया गया। इधर देर शाम को पुलिस ने हत्यारोपी शहजाद को गिरफ्तार कर उसकी हत्या का खुलासा किया। उधर हत्या की जानकारी मिलते ही परिजन एंबुलेंस लेकर उजमा कौसर का शव लेने के लिए अमरोहा रवाना हो गए। मगर दूरी बहुत अधिक होने के कारण मृतका के परिजन शनिवार देर तक भी नहीं पहुंचे। थाना प्रभारी अरिहंत सिद्घार्थ ने परिजनों से दोपहर एक बजे बात की थी। जिस पर उन्होंने बताया कि वह अमरोहा से पांच सौ किमी दूर हैं। एंबुलेंस से आ रहे हैं। रास्ते में किसी तरह का अवरोध नहीं मिला तो वह 12 बजे तक अमरोहा पहुंच सकते हैं। तब तक शव को रखे करीब 36 घंटे हो जाएंगे। ऐसा मामला पहली बार सामने आया है कि जब पोस्टमार्टम हो जाने के बाद किसी का शव परिजनों के इंतजार में मोर्चरी पर रखा गया हो। सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि परिजन पांच सौ किमी दूर बता रहे हैं। वह आधी रात तक पहुंच सकते हैं।
पोस्टमार्टम के बाद मोर्चरी पर नहीं रखा गया कभी कोई शव
मोर्चरी के कर्मचारी मुंगेश लाल ने बताया कि आमतौर पर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन अपने साथ ले जाते हैं। अज्ञात शव 72 घंटे तक रखा रहता है, लेकिन पोस्टमार्टम कराने के बाद उसका पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार करा दिया जाता है। उजमा कौसर का शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे पोस्टमार्टम करा दिया गया था, लेकिन परिजनों के आने के इंतजार में शव मोर्चरी के फ्रीजर में रखा है। वह आधी रात के बाद मोर्चरी पर पहुंच सकते हैं।