गांगन नदी के जलस्तर में कुछ गिरावट दर्ज की गई। हसनपुर कचिया में पुल पर बह रहा पानी भी उतरने लगा है। हालांकि, सतर्कता के चलते और पुल क्षतिग्रस्त होने व पानी भरा होने के चलते प्रशासन ने बैरियर लगाकर आवागमन बंद कर दिया गया है। आसपास के खेतों में खड़ी धान व गन्ने की फसल पानी की जद में आ गई है।
क्षेत्र के हसनपुर कचिया गांव से निकल रही गांगन नदी बृहस्पतिवार को अचानक उफान पर आ गई थी। लगातार बारिश और बिजनौर से पानी छोड़ने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया था। जिससे हसनपुर कचिया में कई गांवों को जोड़ने वाला पुल पानी से लबालब हो गया था। पुल पर एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया था। पहले से ही पुल काफी जर्जर अवस्था में है और उसमें गड्ढा भी बना है। पानी भरने से हादसे का डर बना हुआ है। बृहस्पतिवार को पुल से लोगों का आवागमन बाधित हो गया था। इस पुल से चक कालीलेट, दबका, कुम्हारिया, जलीलपुर बक्काल, मालपुर नजराना, सोंडाला, फरीदपुर, चंघेरी, रवाना, भिकनपुर, पचौकरा, कैच, अलियारपुर, खेमपुर आदि गांवाें के सैकड़ों ग्रामीण यहां से गुजरते हैं। उधर, पुल क्षतिग्रस्त होने और पानी भरा होने के चलते प्रशासन ने शुक्रवार को पुल पर बेरियर लगाकर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया। अब ग्रामीण दूसरे रास्तों से होकर गुजर रहे हैं।
फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका
गांगन नदी उफनने के बाद उसका पानी आसपास के खेतों पहुंच गया है। इससे करीब सौ बीघा से अधिक खेतों में खड़ी धान व गन्ने की फसल पानी में डूब गई है। ग्रामीण शिवकुमार, रामचंद्र, मलखान, रविंद्र, रामचरण, ओमप्रकाश, यशपाल पानी भरने से धान की फसल तो लगभग खत्म होने की कगार पर है। जल्द ही जलस्तर कम न हुआ तो पशुओं का हरा चारा भी खराब हो जाएगए। वहीं, गन्ने की फसल को भी नुकसान होने की आशंका है।