अमरोहा। अधिवक्ताओं के साथ हो रहीं आपराधिक वारदातों के विरोध में जिलेभर के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। लखनऊ और प्रयागराज में हुई अधिवक्ताओं की हत्या की कड़ी निंदा की। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ताओं पर कातिलाना हमलों पर आक्रोश जताया। पीड़िता परिजनों को पचास-पचास लाख रुपये मुआवजा दिलाने और तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की गई।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर गुरुवार जिला न्यायालय और तहसील अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। जनपद अमरोहा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मसरूर सिद्दीकी के नेतृत्व में अधिवक्ता एकत्र हुए। प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी और प्रयागराज में सनाउल्ला खां की हत्या कर दी गई। आए दिन अधिवक्ताओं पर कातिलाना हमले हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन खामोश रहता है। वकीलों पर हमले कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। घटनाओं से अधिवक्ता आक्रोशित हैं। वकीलों ने तत्काल घटनाओं का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। चेतावनी दी कि अगर पुलिस-प्रशासन इसमें लापरवाही बरतता है तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन करेंगे। साथ ही पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कराने की मांग की गई। इस दौरान सचिव इंद्रपाल गोले, अली इमाम रिजवी, अजीम अहमद, अरविंद प्रकाश रस्तोगी, जमील अहमद, फिरोज अख्तर, मुनाजिर अहमद, सिकंदर रजा आदि मौजूद रहे। वहीं, अमरोहा सदर तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इस दौरान मंसूर अहमद, रमेश चंद्र गोयल, महफूज अली, हबीब अहमद, अवधेश चौहान, गौरव गोयल, हबीब अहमद आदि मौजूद रहे। वहीं, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी हड़ताल पर रहे।