उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग की टीम वृंदावन गोशाला उत्थान समिति नूरपुर में गोवंशीय पशुओं की सपुर्दगी में पुलिस द्वारा किए गए खेल की जांच करेगी। इसके लिए आयोग द्वारा लखनऊ में जांच कमेटी गठित की जा रही है। यानी राजधानी लखनऊ तक पुलिस की करतूत की जानकारी पहुंच गई है।
इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। उक्त गोशाला का पंजीकरण से लेकर अब तक रिकार्ड खंगाला जाएगा। पुलिस द्वारा कितनी बार गोशाला की सपुर्दगी में गोवंशीय पशुओं को दिया। उधर, जिलाधिकारी वेद प्रकाश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच बैठा दी है।
उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के सदस्य ठाकुर राहुल सिंह के निरीक्षण में 29 गोवंशीय पशुओं की सपुर्दगी में तीन थानों की पुलिस द्वारा किए गए खेल का खुलासा हुआ चुका है। ढाई साल से बंद पड़ी, गोशाला की सपुर्दगी में पुलिस द्वारा गोवंशीय पशु दिए जा रहे थे। मौके पर गोशाला में ईख खड़ी मिली थी। सिर्फ गोशाला कागजों में चल रही है।
इस मामले का खुलासा होने अब पूर्व में गोशाला की सपुर्दगी में दिए गए गोवंशीय पशुओं का रिकार्ड खंगाला जाएगा। आखिर कब से यह फर्जीवाड़ा चल रहा था है। इसकी जांच को लखनऊ में टीम गठित की जा रही है। जो जल्द ही अमरोहा पहुंचकर पांच थानों की पुलिस का रिकार्ड खंगालेगी। इस मामले में पुलिस की गर्दन फंसती जा रही है।
पुलिस कर ही हिंदुओं की भावनों से खिलवाड़
अमरोहा। जिले में कई गोशाला पंजीकृत हैं, लेकिन पांच थानों की पुलिस वृंदावन गोशाला उत्थान समिति नूरपुर पर ही क्यों मेहरबान थी। जबकि यह गोशाला सिर्फ कागजों में चल रही है, गोशाला में ईख खड़ी हुई है। इस गौशाला के नाम पर पुलिस ने कितने ही गोवंशीय पशुओं को इधर-उधर किया होगा।
इसकी जांच कराई जाए तो सारा मामला सामने आ जाएगा। क्योंकि गोशाला की आड़ में पुलिस हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर ही है। यह मामला अब तूल पकड़ने वाला है। उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग की टीम खुद अब मामले की जांच करेगी।
गोवंशीय पशुओं की सुपुर्दगी में चल रहे फर्जीवाड़े की जांच को उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग द्वारा लखनऊ में जांच टीम गठित की जा रही है। लखनऊ की टीम अमरोहा पहुंचकर खुद मामले की जांच करेगी। क्योंकि पुलिस सही जानकारी नहीं देगी।
ठाकुर राहुल सिंह, उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग सदस्य
गोवंशीय पशुओं की सपुर्दगी में हुए फर्जीवाड़े को गंभीरता से लिया जा रहा है। इस संबंध में एसपी से बात की गई है। एडिशनल एसपी को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वेद प्रकाश, जिलाधिकारी