जान जोखिम में डाल मालगाड़ी के नीचे से गुजरतीं छात्राएं।
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गजरौला (अमरोहा)। सावधानी हटी दुर्घटना घटी, जल्दी से देर भली, कृपया देखकर चलें, रेलवे लाइन को पार नहीं करें, फुट ओवरब्रिज का प्रयोग करें आदि चेतावनियां लोगों के लिए मजाक बनकर रह गई हैं। वे अपनी जान और नियम कानून की परवाह किए बगैर न सिर्फ रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं बल्कि स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी के नीचे से भी आरपार जा रहे हैं। बदलते परिवेश में जीवन की भागदौड़ कुछ अधिक ही बढ़ गई है। इस कदर कि लोगों को अपनी जान की भी परवाह नहीं है। अब आप इस चित्र में इन छात्राओं को ही देख लीजिए। इन्हें घर जाने की इतनी जल्दी है कि ये वहां खड़ी मालगाड़ी के नीचे से निकलकर दूसरी तरफ जा रही हैं। अब यदि मालगाड़ी चल देती और कोई हादसा हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता? बृहस्पतिवार की सुबह यह नजारा देखने को मिला रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक मालगाड़ी का। इसके नीचे से छात्र-छात्राओं के साथ ही महिला-पुरुष तक निकलकर आ-जा रहे थे। इन्हें जरा भी परवाह नहीं थी कि यदि ट्रेन चल पड़ी तो क्या होगा। वैसे यह नजारा केवल मालगाड़ी का ही नहीं है। जल्दबाजी में लोग प्लेटफार्म पर आकर रुकीं ट्रेनों में चढ़कर दूसरे दरवाजे से उतरते हुए देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं प्लेटफार्म संख्या एक एवं दो को जोड़ने के लिए रेलवे ने फुटओवर ब्रिज बनाया हुआ है। इसके बावजूद लोग इस पर जाने के बजाए ट्रैक पैदल ही पार करना अधिक पसंद करते हैं।
रेलवे को चाहिए कि प्लेटफार्म दो से यार्ड के पार जाने के लिए एक और फुट ओवरब्रिज बनवाए। लोग जानजोखिम में डालकर ही ट्रैक पार करते हैं। कई बार इन्हें डांटते भी हैं। कार्रवाई इसलिए नहीं करते कि अधिकांश लोग स्थानीय हैं और स्टेशन के सामने कॉलोनी और मोहल्लों में इनके आवास हैं। यदि किसी को पकड़ भी लो तो दबाव पड़ना शुरू हो जाता है।
- सीपी सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ