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सिपाही का शव पहुंचते ही फफक पड़ी मां, सुधबुध खो बैठी पत्नी

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रजबपुर के गांव सदरपुर में सिपाही सोमवीर का शव पहुंचने पर बिलखते परिजन। - फोटो : JPNAGAR
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रजबपुर(अमरोहा)। रामपुर में सड़क हादसे में सिपाही की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पेशे से किसान परिवार की जिम्मेदारी सिपाही सोमवीर सिंह के कंधों पर टिकीं थी। परिजनों ने करीब दस घंटे पत्नी और बच्चों से सिपाही की मौत को छिपाए रखा। लेकिन, जब घर में लोगों की भीड़ जुटी तो राज से पर्दा उठा गया। गुरुवार की दोपहर बाद शव गांव पहुंचा तो बुजुर्ग मां फफक कर रो पड़ी। जबकि पत्नी को सुदबुध खो बैठी। घर पर ग्रामीण और रिश्तेदारों को जमावड़ा लग गया। सिपाही की मौत से गांव में मातम छा गया। शाम को परिजनों ने तिगरी गंगा धाम पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
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रजबपुर थानाक्षेत्र के सदरपुर गांव में हरदन सिंह का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी जगवीरी के अलावा दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सोमवीर सिंह (34) वर्ष 2006 में यूपी पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। जबकि छोटा बेटा प्रवीण पिता के साथ खेती में साथ खेती करता है। पुलिस ट्रेनिंग करने के बाद सोमवीर की पहली पोस्टिंग संभल के इस्लाम नगर में हुई थी। वर्तमान में वह रामपुर जिले के बिलासपुर कोतवाली के रुद्र बिलास चौकी पर तैनात थे। सोमवीर के की शादी 12 साल पहले धनौरा के मलकपुर निवासी उमा के साथ हुई थी। उनका एक बेटा मणिक हैं, जो कक्षा चार में पढ़ता है। उनकी पत्नी और बेटा गांव में परिवार के साथ रहते थे। बुधवार की वह अपने साथी सिपाही सत्यपाल के साथ गश्त पर निकले थे। तभी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में सोमवीर सिंह ने मौके की मौके पर मौत हो गई। जबकि साथी सत्यपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। बुधवार की रात करीब साढ़े दस बजे चचेरे भाई विक्रांत को फोन पर सोमवीर की मौत की खबर मिली। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिवार के लोग रामपुर के लिए रवाना हो गए। लेकिन, पत्नी और बेटे से मौत की खबर को छिपाकर रखा। गुरुवार की सुबह एक के बाद एक लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो सोमवीर की मौत से पर्दा उठ गया। घर में चीख-पुकार मच गया। पत्नी उमा दहाड़ मार कर रोती रही। कई बार वह बेहोश हुई तो परिजन और रिश्तेदारों ने संभाला। करीब तीन बजे सिपाही का शव घर पहुंचा तो ग्रामीण और रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा गया। हर किसी की आंखें आंसुओं से भर आईं। मां बेटे को याद कर फफक पर रो पड़ी तो पत्नी सुधबुध खो बैठी।
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