शुक्रवार दोपहर सीएमओ कार्यालय पहुंचे कन्नौज जिले के छिबरामऊ निवासी युवक ने अपना नाम राजीव कुमार बताया। कहा, उसके पिता विनोद कुमार सीएमओ हाथरस के अधीन वार्ड बॉय के पद पर तैनात थे। 28 दिसंबर 2023 को उनकी मौत हो गई थी।
इसलिए उसे मृतक आश्रित नियमावली के तहत एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर सीएमओ अमरोहा के अधीन ज्वॉइनिंग करने को कहा गया है। फर्जी तरह से ज्वाॅइनिंग करने पहुंचे राजीव ने कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश लखनऊ का आदेश भी दिया।
जिस पर महानिदेशक डॉ. बृजेश राठौर के हस्ताक्षर भी हैं। वहीं, लखनऊ से 17 सितंबर 2024 को जारी आदेश को देखकर सीएमओ डॉ. एसपी सिंह को फर्जीवाड़े का एहसास हुआ। इसके बाद राजीव से पूछताछ की गई तो वह सही जानकारी नहीं दे सका।
सीएमओ ने उसे कार्यालय में तैनात सुरक्षा गार्ड को सौंप दिया। साथ ही अमरोहा नगर कोतवाली में तहरीर देकर प्रकरण से अवगत कराया। पुलिस ने आरोपी राजीव को गिरफ्तार कर लिया। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर राजीव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शनिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया जाएगा।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
सीएमओ ने बताया कि तीन सप्ताह पहले आरोपी राजीव के संबंध में एक मेल आई थी। जिस लेटर की हार्ड कॉपी लेकर राजीव कुमार ऑफिस आया था। वही लेटर मेल में था। मेल को कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश लखनऊ भेजकर सच का पता लगाया गया था।
जिसमें सामने आया कि उक्त ज्वॉइनिंग लेटर फर्जी है। इस बीच शुक्रवार को राजीव खुद फर्जी नियुक्तिपत्र लेकर कार्यालय आ गया। इस पर उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। राजीव कुमार के साथ उसका भाई भी कार्यालय आया था, लेकिन वह भाग निकला।
पुलिस की जांच में उठेगा फर्जीवाड़े से पर्दा
फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर के मामले में सीएमओ ने कन्नौज के रहने वाले आरोपी राजीव कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब पुलिस की जांच में फर्जीवाड़े से पर्दा उठेगा। सीएमओ कार्यालय मेल कहां से भेजी गई, कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश लखनऊ का आदेश कहां छापा गया।
फर्जी नियुक्तिपत्र के जरिए नौकरी दिलाने वाले गिरोह में कौन-कौन लोग शामिल हैं, ये नेटवर्क कहा तक फैला हुआ है। पुलिस की जांच में ये स्पष्ट हो जाएगा।