जिले में बड़े पैमाने पर पटाखा निर्माण का काम होता है। कहीं वैध तो कहीं अवैध तरीके से पटाखा फैक्टरी चल रहीं हैं। ठीक एक साल पहले अतरासी मार्ग स्थित पटाखा फैक्टरी में धमाका हुआ था।
इसमें चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे, जबकि इलाज के दौरान हापुड़ निवासी एक मजदूर की मौत हो गई थी। मामले में हापुड़ के ही रहने वाले पटाखा फैक्टरी मालिक कामरान अहमद के खिलाफ लापरवाही के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पटाखा फैक्टरी में आए दिन हो रहे हादसों को लेकर न तो जिला प्रशासन गंभीर है और न काम करने वाले मजदूर।
यह फैक्टरी रजबपुर थानाक्षेत्र के सूदनपुर गांव के रहने वाले हाशिम के घर में चल रही थी। इसे हापुड़ के मोहल्ला शिवगढ़ी निवासी कामरान अहमद चला रहा था। हाशिम ने अपना मकान कामरान अहमद को किराये पर दे रखा था। करीब पांच साल से चल रही इस फैक्टरी में पटाखे तैयार करने के बाद भंडारण किया जाता था।
फैक्टरी में हापुड़ के मोहल्ला शिवगढ़ी निवासी भोला, मंगूपुरा गांव निवासी ममता, रीता, देवपुरा गांव निवासी अनीता और मनीषा समेत आठ मजदूर काम कर रहे थे। 14 जून, 2024 को फैक्टरी में मजदूर काम कर रहे थे। इस दौरान संदिग्ध हालत में पटाखों में आग लग गई थी। इससे पहले मजदूर कुछ समझ पाते पटाखे और बारूद में तेज धमाके होने लगे। आग के गोले फैक्टरी के बाहर तक जाकर गिरे, जिससे झाड़ियाें में भी आग लग गई थी। इस अग्निकांड में मजदूर भोला, ममता, मनीषा और अनीता बुरी झुलस गईं थीं। फैक्टरी में धमाका इतनी तेज हुआ कि आसपास के लोग अचंभित रह गए थे। फैक्टरी की शेड उड़कर दूर जा गिरी थी।
किसी तरह आग में झुलसे मजदूरों को निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से भोला और ममता को नाजुक हालत के चलते दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन विस्फोट के पांचवें दिन हापुड़ के मजदूर भोला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
डेढ़ माह पहले रहरा क्षेत्र में भी हुआ था विस्फोट
करीब डेढ़ माह पहले रहरा क्षेत्र में चल रही एक पटाखा फैक्टरी में भी विस्फोट हुआ था। इसमें एक बच्चा झुलस गया था। जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई थी। यह हादसा तब हुआ था जब आठ साल का बच्चा अपनी मां के साथ फैक्टरी में गया था। उसकी मां 29 अप्रैल 2025 को गांव भावली में बाहरी छोर पर चल रही एक पटाखा फैक्टरी में मजदूरी करने गई थी। मां के साथ बच्चा भी जिद करके फैक्टरी में उसके साथ चला गया था। बच्चा वहां पर फुलझड़ी जलाने लगा था और हादसा हो गया था। अवैध रूप से संचालित इस पटाखा फैक्टरी में फुलझड़ी से लेकर कई तरह से पटाखों का निर्माण और पैकिंग करने का कार्य किया जा रहा था।