रोडवेज बस अड्डे के पास में कोई कट नहीं होने के चलते बसों को अड्डे तक लाने में चालकों को घुमाकर लाना पड़ता है। इसके चलते अधिकांश चालक बस को अड्डे पर रोकने की बजाय हाईवे के ऊपर से ही लेकर निकल जाते हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं परिवहन निगम को भी नुकसान हो रहा है। समस्या के समाधान के लिए परिवहन निगम के एआरएम ने हाईवे पर कट या ढाल बनाए जाने के लिए प्राधिकरण को पत्र लिखा है।
गजरौला के सुल्तान नगर मोहल्ले में हाईवे की सर्विस रोड किनारे पर रोडवेज बस अड्डा है। औद्योगिक नगरी होने के बावजूद बस अड्डे पर दिल्ली की दिशा में जाने वाली कुछ ही बसों का ठहराव होता है, जबकि मुरादाबाद की ओर जाने वाली एक भी बस अड्डे पर नहीं जाती। बस या तो हाईवे के ऊपर से निकल जाती हैं या चौपला पर सर्विस रोड से। संभल, बदायूं या बिजनौर के लिए भी कोई बस रोडवेज अड्डे से नहीं जाती। उधर, शाम होते ही बस अड्डे पर अंधेरा छा जाता है। परिवहन निगम के एआरएम मोहम्मद शफी का कहना है कि रोडवेज बस अड्डे तक बस आने जाने के लिए अड्डे के सामने या आसपास कोई कट और ढाल नहीं है। दिल्ली की दिशा में जाने वाली जिस बस में औद्योगिक नगरी में उतरने वाले यात्री सवार होते हैं, वह हाईवे के ऊपर से गुजर जाती है, तो सवारियों को काफी दूर उतार दिया जाता है। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मुरादाबाद की दिशा में जाने वाली कोई बस भी इसलिए स्टैंड पर नहीं जाती क्योंकि उसे विपरीत दिशा से जाना पड़ता है। जिससे हादसे का डर बना रहता है। इसलिए स्टैंड को विकसित करने में अड़चन आ रही है। बसों का ठहराव न होने के कारण ठेकेदार ने कैंटीन भी बंद कर दी। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को स्टैंड के पास कट और ढाल बनवाने के लिए पत्र लिखा है। जिससे रोडवेज बसों को स्टैंड तक आने जाने में दिक्कत का सामना न करना पड़े।