गजरौला क्षेत्र के कांकाठेर निवासी उस्मान अली का भांजा शाहरुख 10वीं तक की पढ़ाई करने के बाद नर्सिंग का काम सीखने कासगंज जिले के गंजडुंडवारा स्थित लाइफ लाइन अस्पताल में गया था। आरोप है कि अस्पताल का संचालक संजय पंडित शाहरुख के साथ नौकर जैसा व्यवहार करने लगा। अस्पताल संचालक की साथी खुशी वर्मा, सुभाष व लता वर्मा भी उसका शोषण करने लगे। लता आशा कार्यकर्ता है। सभी शाहरुख से निजी काम करवाने लगे। संजय और खुशी मोबाइल से अस्पताल में आने वाले मरीज, तीमारदार और अन्य काम करने वाले लोगों की वीडियो बनाते थे।
शाहरुख ने घर वापस आने के लिए कहा तो जुलाई में आरोपियों ने उसे जान से मारने की नीयत से खाने में कोई संदिग्ध चीज खिला दी। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। 17 जुलाई की रात को आरोपी शाहरुख को नौगांवा सादात क्षेत्र के गांव सिरसा जट के पास छोड़कर भाग गए। परिजनों ने शाहरुख के हालात के बारे में पूछा तो आरोपियों ने शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। सभी एंबुलेंस में सवार होकर आए थे। परिजनों ने शाहरुख को मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। कई अस्पतालों में इलाज करने के बाद भी उसकी तबीयत बिगड़ती जा रही है। शाहरुख खून की उल्टी कर रहा है। मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण दी। सीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मामले मुख्य न्याय मजिस्ट्रेट के आदेश पर आरोपी संजय पंडित, लता वर्मा, खुशी वर्मा और सुभाष वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।