अमरोहा। गजरौला में महिला से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धमकी के मामले में न्यायालय ने दोषी झोलाछाप आशीष को दस साल की सजा सुनाई है। वहीं धमकी देने के मामले में दोषी उसके पिता ब्रजपाल को तीन साल की सजा सुनाई है।
यह गजरौला थाने में जुड़ा है। क्षेत्र के गांव में किसान का परिवार रहता है। उनकी पत्नी से एक झोलाछाप आशीष अश्लील हरकतें करता था। विरोध करने पर उसके पिता ब्रजपाल ने भी पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी थी। दो दिसंबर 2019 को आशीष ने पीड़िता की नहाते समय आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं और बाद में उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। इसके बाद आरोपी ने तमंचे के बल पर कई दिनों तक पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।
घटना की जानकारी पीड़िता ने अपने पति को दी। इसके बाद पुलिस ने आशीष के खिलाफ छेड़खाली, दुष्कर्म व आईटी एक्ट और आशीष के पिता ब्रजपाल के खिलाफ धमकी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में पुलिस ने आशीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में पुलिस ने विवेचना कर पिता-पुत्र के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई हुई।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी देवेश नागर पैरवी कर रहे थे। मंगलवार को न्यायालय ने सुनवाई करते साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आरोपी आशीष और उसके पिता ब्रजपाल को दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने सुनवाई करते हुए आशीष को दस साल की सजा सुनाई और छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि उसके पिता ब्रजपाल को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है।