गजरौला। गांव में पशुओं के कारण सड़क पर की जा रही गंदगी की शिकायत करना ग्रामीण पिंटू जाटव को महंगा पड़ गया। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने उसका शांतिभंग में चालान कर दिया। उसे 14 दिन के लिए बिजनौर जेल भेज दिया गया है।
मंगलवार को गांव सलेमपुर गौसाईं गांव में चौपाल का आयोजन किया गया था जिसमें डीएम, डीपीआरओ, एसडीएम समेत कई अफसर आए हुए थे। बताया जा रहा है कि चौपाल समाप्त होने पर अफसर गांव से चले गए। एसडीएम भी गाड़ी से गांव से बाहर निकल चुकी थीं और काफी दूर पहुंच गई थीं। इस दौरान गांव का युवक पिंटू जाटव बाइक से आया और उसने एसडीएम की कार के आगे बाइक लगा दी।
जिससे एसडीएम की गाड़ी रुक गई। उसने एसडीएम से शिकायत की कि उसके घर आगे सड़क पर काफी दिनों से पशु बांधे जा रहे हैं जिससे गंदगी हो रही है। उसे व अन्य लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, युवक द्वारा रास्ते में गाड़ी के आगे बाइक लगाकर शिकायत करने से एसडीएम नाराज हो गईं। उन्होंने पुलिस को निर्देश देकर युवक का शांतिभंग में चालान करा दिया। युवक को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया।
इसकी जानकारी उसके परिजनों को हुई तो वह गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेश प्रधान के पास गए और उनसे पिंटू को छुड़ाने की सिफारिश की। पूर्व जिला पंचायत थाने गए लेकिन तब तक चालान किया जा चुका था। एसडीएम को फोन किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि युवक की शिकायत जायज थी, लेकिन उसका तरीका गलत था, मगर इतनी बड़ी गलती नहीं थी कि उसे 14 दिन के लिए बिजनौर जेल भेज दिया गया। वह सांसद कंवर सिंह तंवर से मिलकर एसडीएम की इस गलत कार्रवाई की शिकायत करेंगे। अन्य मंच से भी मुद्दा उठाएंगे।