दिल्ली-लखनऊ रेलवे ट्रैक पर गंगा नदी पर रेल का पुल बना है। करीब 710 मीटर लंबे पुल का हिस्सा अमरोहा और हापुड़ जिले की सीमा में आता है। डबल लाइन के इस पुल की एक लेन पर दिल्ली की दिशा में जाने वाली ट्रेन गुजरती हैं, जबकि दूसरी लेन पर लखनऊ की ओर ट्रेन जाती हैं। गंगा पर बने रेलवे पुल पर काम करते समय कर्मचारियों के साथ हादसे का डर बना रहता है। इसके अलावा रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों को गंगा पुल पर निरीक्षण के दौरान यह देखना पड़ता है कि किसी ट्रेन के गुजरने का समय तो नहीं है। या ब्लॉक लेकर निरीक्षण करते हैं। गंगा में आने वाली बाढ़ के दौरान जलस्तर बढ़ जाने पर खतरे का निशान देखने में भी परेशानी सामने आती है।
पुल पार करने, हादसे रोकने और निरीक्षण को आसान बनाने के लिए ही रेलवे ने 710 मीटर लंबा और डेढ़ मीटर चौड़ा पाथ-वे बनवाने का निर्णय लिया। दिल्ली से लखनऊ जाने वाली ट्रेनों की लाइन किनारे बनाए जा रहे पाथ-वे का काम शुरू हो गया है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) महेंद्र सिंह ने बताया कि दो सौ मीटर लंबा पाथ-वे बन गया है। बाकी का काम तेजी से चल रहा है। तीन करोड़ रुपये से पाथ-वे निर्माण कराया जा रहा है।
- लाइन से कट पर उतारनी पड़ती है ट्रॉली
गंगा रेलवे पुल पर काम करते समय रेलवे के कर्मचारी हादसे से बचने के लिए सावधानी बरतते हैं। वह ट्रॉली का इस्तेमाल करते हैं। ट्रेन आने पर ट्रॉली को पटरियों से हटाकर ठेला कट पर (पटरी से उतारकर ट्रॉली को अलग खड़ा करना) लाना पड़ता है। पुल पर 63-63 मीटर की दूरी पर 11 ठेला कट बने हैं। ट्रेन गुजर जाने पर दोबारा ट्रॉली पटरियों पर लानी पड़ती है। पाथ-वे बन जाने पर ट्रेनों के गुजरते समय भी कर्मचारी उस पर बैठकर काम कर सकेंगे।
- रोजाना गुजरती हैं करीब 100 ट्रेनें
ब्रजघाट गंगा के पुल से रोजाना करीब सौ ट्रेनों गुजरती हैं। इनमें एक्सप्रेस समेत पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल हैं। कई बार ट्रैक पर काम चलता है तो कर्मचारियों को भी सावधानी बरतनी पड़ती है। पाथ-वे बनने से काफी सहूलियत मिलेगी।