गजरौला/मंडी धनौरा। क्षेत्र में बाह नदी पर करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाया जाएगा। पपसरी बांगर-पहाड़पुर कश्यप गांव के बीच बनने वाला पुल लगभग 54 मीटर लंबा होगा। इसके बनने से खादर क्षेत्र के करीब 24 गांवों के लोगों को फायदा होगा। पुल साढ़े सात मीटर चौड़ा होगा और इसके दोनों ओर करीब 1.5-1.5 मीटर चौड़े दो फुटपाथ भी बनाए जाएंगे। अभी इन गांवों के लोगों को नाव और ट्यूब के सहारे इधर-उधर जाना पड़ता है।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड जोया के सहायक अभियंता रणवीर सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग पर उन्होंने बाह नदी पर पक्के पुल बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जिससे टापू और खादर में बसे ग्रामीणों का आवागमन सुगम हो। प्रस्ताव में पपसरी खादर से पहाड़पुर कश्यप के बीच 54 मीटर और जैथल से चांदरा फार्म के बीच 50 मीटर लंबा पुल बनाया जाना शामिल किया। इसके अलावा सुल्तानपुर से वाजिदपुर के बीच 100 मीटर लंबा पुल बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया था।
तीनों ही स्थान पर बाह नदी पर पक्के पुल बनाए जाने के लिए प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया था। इन तीनों पुलों के निर्माण पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च आने का आकलन किया गया था। इनमें से बाह नदी पर पपसरी खादर से पहाड़पुर कश्यप के बीच 54 मीटर लंबा पक्का पुल बनाए जाने के लिए मंजूरी मिली है। लखनऊ में प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुल के निर्माण पर सहमति मिल गई है। ऐई ने बताया कि पुल पर पांच करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। बाढ़ का पानी कम होते ही पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। पुल बन जाने खादर क्षेत्र के 20 गांवों के ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा।
इन गांवों के लोगों को होगा फायदा
बाह नदी पर पक्का पुल बन जाने से शाहजहांपुर, रसूलपुर भांवर, सीपिया फार्म, पपसरी खादर, आशु वाला, झुंडपुरा, इब्राहिमपुर आदि गांवों समेत 24 गांवों के ग्रामीणों को फायदा होगा। अब तक इन गांवों के लोग नाव, ट्यूब आदि पर निर्भर रहते हैं। गंगा में बाढ़ आने पर लोगों की दिक्कत और बढ़ जाती है। पांच करोड़ रुपये की लागत से पुल बन जाने से लोगों को राह सुगम होगी।