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Amroha News: डेंगू-मलेरिया को लेकर जिले के 95 गांव संवेदनशील

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अमरोहा। गर्मी शुरू होने के साथ ही मच्छरों का आतंक बढ़ रहा है। इसके साथ ही जिले में डेंगू व मलेरिया बुखार होने की आशंका बढ़ गई है। जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के 95 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इन गांवों में पिछले साल डेंगू के 757 और 52 मलेरिया के केस मिले थे। इन गांवों में इस बार स्वास्थ्य विभाग का फोकस रहेगा। स्वास्थ्य विभाग इन गांवों में जागरूकता अभियान चलाएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से माइक्रो प्लान तैयार किया गया है।
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अप्रैल माह की शुरुआत के साथ ही मौसम में तेजी से बदलाव आया है। कई दिन से तेज धूप निकलने से मौसम गर्म हो रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही मच्छरों का आतंक भी शुरू हो गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारी शुरू कर दी है। पिछले साल जहां डेंगू के केस मिले थे, स्वास्थ्य विभाग ने उन गांवों को चिह्नित कर संवेदनशील श्रेणी में शामिल किया है। इनमें सबसे ज्यादा 17 गांव धनौरा ब्लाॅक के हैं। जबकि हसनपुर ब्लाॅक क्षेत्र के 16, जोया ब्लॉक क्षेत्र के 15, गजरौला क्षेत्र के 14, गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के 11 और अमरोहा ब्लॉक क्षेत्र के 10 गांव शामिल हैं। इन 95 गांवों में पिछले साल 2023 में डेंगू के 757 केस सामने आए थे। इनमें 267 मरीजों की एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी। मलेरिया के 52 केस भी मिले थे। इस साल इन गांवों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर है। अगर इन गांवों में डेंगू का कोई केस मिलता है तो तत्काल वहां पर एंटी लार्वा कीटनाशक दवा का छिड़काव, फॉगिंग आदि कराई जाएगी। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया जिन स्थानों पर पिछले साल डेंगू व मलेरिया के केस मिले थे, वहां पर विभाग की तरफ से निगरानी रखी जाएगी। इन गांवों में स्वास्थ्य टीम लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करेगी।

बरसात के मौसम में सक्रिय हो जाते हैं मलेरिया और डेंगू के मच्छर
सीएमओ ने बताया कि डेंगू और मलेरिया मच्छरों से फैलने वाली एक प्रकार की बीमारी है जो अक्सर बरसात के मौसम में काफी सक्रिय हो जाती है। मलेरिया और डेंगू के मच्छर अक्सर सूर्यास्त होने पर लोगों को निशाना बनाते हैं। अगर एक बार मलेरिया और डेंगू के वायरस मानव शरीर में प्रवेश कर जाता है तो इंसान को अक्सर तेज बुखार आता है और जब तक दवा का असर रहता है तो बुखार सही रहता है और दवा के प्रभाव खत्म होते ही फिर से तेजी से बुखार चढ़ने लगता है और इसके अत्यधिक प्रभाव के कारण मानव रक्त के रक्त प्लेटलेट्स में भारी कमी आने लगती है और जिसके कारण इंसान के शरीर की इन रोगों से लड़ने की क्षमता खत्म होने लगती है।
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इन बातों का रखें ख्याल
- आसपास पानी न भरने दें, जलभराव होने पर केरोसिन की बूंदें छिड़क दें।
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर सोएं, रात में मच्छरदानी का उपयोग करें।
- मच्छर भगाने के लिए नीम की पत्तियां जलाएं, टंकी-ड्रम को ढककर रखें।
- कूलर की टंकी का पानी साफ करें, एंटी लारवा का छिड़काव कराएं।
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