बिजली चोरी रोकने और उसकी खपत में पारदर्शिता लाने के लिए विभाग 76 हजार स्मार्ट मीटर लगवाएगा। इसमें चिप लगी होने के कारण छेड़छाड़ संभव नहीं है। इससे बिजली चोरी रुकेगी।
विद्युत वितरण खंड में 71 हजार घरेलू, 4500 व्यवसायिक व 700 उपभोक्ता हैं। बिजली विभाग के अफसरों का मानना है कि अब तक जो बिजली के मीटर लगे हैं, उनमें छेड़छाड़ संभव है। उपभोक्ता मीटर में अपने हिसाब से रीडिंग कर लेते हैं। इसके अलावा मीटर रीडर भी उपभोक्ताओं से छोटी-मोटी रकम लेकर या प्रभावित होकर रीडिंग में बदलाव कर देते हैं। इससे जहां विभाग को बड़ा नुकसान होता है, वहीं चाेरी की प्रवृत्ति भी बढ़ती है।
बिजली की चोरी रोकने और बिजली की कितनी खपत हो रही है, इसकी पारदर्शिता के लिए विभाग ने स्मार्ट मीटर लगवाने का निर्णय लिया। जिसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। इसमें स्मार्ट मीटर में एक चिप लगी है। जिसमें छेड़छाड़ होने पर विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को तुरंत पता लग जाता है। अधिशासी अभियंता नीरज कुमार का कहना है कि अभी तक करीब सात हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। यह मीटर उपभोक्ताओं के साथ ही बिजली विभाग के लिए भी फायदेमंद हैं।