खादर किसानों में बाढ़ को लेकर दहशत बरकरार, गंगा खतरे के निशान से मात्र एक मीटर नीचे बह रही
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पिछले पांच दिनों में रविवार को तिगरी गंगा का जलस्तर दूसरी बार 201 गेज मीटर तक पहुंच गया। इसकी सूचना से खादर क्षेत्र के किसानों में बाढ़ को लेकर दहशत तेज हो गई। रविवार को भी बैराज से करीब 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जो सोमवार तड़के ब्रजघाट व तिगरी में पहुंच जाएगा। यानी अभी जलस्तर और बढ़ने की पूरी आशंका है। फिलहाल गंगा खतरे के निशान से तिगरी में करीब एक मीटर नीचे बह रही है। शीशोवाली की आबादी व ओसीता जग्देपुर के खेतों में लगातार बना बाढ़ का पानी लोगों की मुसीबतें बढ़ा रहा है।
पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार तेज बरसात हो रही है। भारी मात्रा में पानी जलाशयों में जमा किया जा रहा है, लेकिन पानी की मात्रा अधिक होने से उसे औसत से ज्यादा मैदानी इलाकों में छोड़ा जा रहा है। शनिवार को बिजनौर बैराज से गंगा में करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे गंगा का जलस्तर पंद्रह सेमी बढ़कर 201 गेज मीटर के निशान को छू गया। हालांकि पांच दिन पहले भी तिगरी में 201 गेज मीटर तक गंगा का पानी पहुंच गया था, लेकिन फिर जलस्तर में गिरावट हुई थी। अब जलस्तर फिर बढ़ने की सूचना से खादर क्षेत्र के किसानों में बाढ़ को लेकर पहले से बनी दहशत और तेज हो गई।
बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। किसानों की चिंताए बढ़ती जा रही है। गंगा किनारे बसे खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया। शीशोवाली के कृषि क्षेत्रफल व आबादी में भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। तिगरी में गंगा किनारे करीब दो हजार से भी ज्यादा क्षेत्रफल में लहलहा रही फसलों में रविवार को फिर से पानी पहुंच गया। उधर, ओसीता जग्देपुर के जंगल में करीब एक हजार बीघा क्षेत्रफल में लहलहा रही फसलों में करीब एक माह से बाढ़ का पानी भरा हुआ है। शनिवार को ढाई से तीन फीट तक जमा पानी रविवार को चार फीट तक हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को पशुओं के लिए चारा लाने में हो रही है। मुख्य रास्ते पर साढ़े चार फीट तक पानी भरा होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को ब्रजघाट में 200.65 व तिगरी में 200.90 गेज मीटर दर्ज किया गया था। जो रविवार को बढ़कर ब्रजघाट में 200.75 व तिगरी में 201.00 तक पहुंच गया।
तिगरी में अंत्येष्टि में हो रही परेशानी
गजरौला। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तिगरी धाम तटों पर शवों की अंत्येष्टि करने में ज्यादा परेशानी हो रही है। तटों पर अब बिन पानी के इतनी भी जगह नहीं बची है। जहां शव रखकर चिता बनाई जा सके और उसे जलाया जा सके। इसको लेकर अंत्येष्टि करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पहाड़ों पर लगातार बरसात से भारी मात्रा में पानी गंगा में छोड़ा जा रहा है। गंगा किनारे बसे गांवों में बार-बार हाई अलर्ट किया जा रहा है। जलस्तर सोमवार को और भी बढ़ सकता है। बाढ़ की स्थिति किसी भी समय बन सकती है।
- प्रदीप कुमार सागर, जेेई बाढ़ खंड तिगरी।