फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरूपूर्णिमा गंगा स्नान ब्रजघाट हाईवे पर रेंग-रेंगकर चले वाहन

विज्ञापन
विज्ञापन
अफसरों की मनमानी से यात्री हलकान, चार घंटे चक्का जाम
विज्ञापन


मध्य रात्रि दो बजे से लगना शुरू हुआ जाम सुबह छह बजे तक रहा, नहीं हिले वाहनों के पहिए
डायवर्जन योजना तय होने के बाद भी नहीं बदले गए थे हाईवे पर भारी वाहनों के मार्ग

अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
अफसरों की मनमानी और अदूरदर्शिता का खामियाजा करीब चार घंटे तक यात्रियों को भुगतना पड़ा। हाईवे पर गुरु पूर्णिमा के पर्व के चलते करीब आठ किलोमीटर लंबा जाम रहा। इस बीच वाहनों के पहिये पूरी तरह थम गए थे। सुबह छह बजे के बाद हाईवे पर यातायात सुचारू रहा। पूरा ब्रजघाट पुल महज एक सिपाही के हवाले था। सुबह में किसी तरह जाम खुलवाया जा सका। सावन मास से पहले सबसे बड़े स्नान पर प्रशासन और अफसरों की लापरवाही उनकी तमाम तैयारियों की पोल खोल रही है। हापुड़ और अमरोहा दोनों ही जिलों की पुलिस गुरु पूर्णिमा पर इंतजाम करने में नाकाम साबित हुई।
रविवार को गुरु पूर्णिमा का स्नान था। दस जुलाई को सावन का पहला सोमवार है। लगातार इसके लिए बैठकें की जा रहीं थी। रूट डायवर्जन का प्लान बन गया था। शुक्रवार शाम छह बजे से डायवर्जन होना था। कांवड़ियों के जत्थों की संख्या कम होने के कारण कहा गया कि संख्या बढ़ने पर डायवर्जन किया जाएगा। लेकिन तय था कि रविवार को गुरु पूर्णिमा स्नान पर लाखों श्रद्धालु उमड़ेंगे उसके बावजूद प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। रविवार को भी हाईवे पर भारी वाहनोें का गुजरना जारी था। यात्री वाहनों के साथ भारी वाहनों की संख्या में यातायात में इजाफा कर दिया। नतीजतन राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर गढ़ टोल प्लाजा से लेकर गजरौला के मोहम्मदाबाद गांव तक करीब आठ किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। आधी रात करीब दो बजे से यह जाम लगना शुरू हुआ। ट्रक, तेल के टैंकर, कैंटर, डीसीएम, रोडवेज की साधारण और एसी बसों के साथ तमाम छोटी गाड़ियां जाम में फंस गई। ब्रजघाट पुल पूरी तरह चोक हो गया था। पुल पर गजरौला की ओर से जाने वाले वाहन तीन कतार तक लग गए। यही हाल गढ़ से आने वाले ट्रैफिक का था। वे भी जल्दी निकलने की होड़ में तीन लेन में लगना शुरू हो गया। इसके चलते दोनों ओर निकलने की जगह नहीं रही।
विज्ञापन

वहीं पुल पर डग्गामार और प्राइवेट यात्री वाहन खड़े थे, जिन्हें हापुड़ पुलिस प्रशासन ने पुल पर आने से नहीं रोका। इसके चलते वाहनों को निकलने की जगह नहीं मिली और मध्य रात्रि दो बजे से तड़के छह बजे तक जाम रहा। करीब पांच बजे के बाद हाईवे पर वाहनों के पहिये कुछ हिलना शुरू हुए। रात पर एक लाठी के सहारे हापुड़ पुलिस का एक सिपाही ब्रजघाट पुल पर व्यवस्था बनाता दिखाई दिया, जो नाकाफी साबित हुआ। सुबह किसी तरह जाम खुलवाया गया। उसके बाद हाईवे पर यातायात सुचारू हो सका। दिन में नौ बजे के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने पर वाहनों की गति थोड़ी धीमी जरूर हुई। लेकिन जाम के हालात नहीं बने। दिन भर यातायात सामान्य गति से चलता रहा।

प्राइवेट बसें और डग्गामार पुल पर!
गजरौला। साथ निर्देश थे कि स्नान के दौरान प्राइवेट बसों और डग्गामार वाहनों को पुल पर पार्क नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन हापुड़ पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते पुल पर प्राइवेट बस और डग्गामार वाहन खड़े दिखाई दिए। दिन पर यात्रियों को ढोते रहे। पुलिसकर्मियोें ने भी अपनी जेब गर्म कर इन वाहनों को हटाने की नहीं सोची। नतीजा रह-रहकर हाईवे पर वाहनों की गति धीमी हुई। रात में दरअसल इन्हीं वाहनों और प्रशासन की बद इंतजामी की वजह से जाम की स्थिति बनी थी।

लगातार जाम लगने को कर रहे थे आगाह
अमर उजाला लगातार जाम की समस्या को लेकर आगाह करता रहा है। पिछले तीन दिन से प्रमुखता से गुरु पूर्णिमा पर जाम की समस्या से निपटने के लिए आगाह किया जा रहा था। लेकिन अमरोहा और हापुड़ दोनों ही जिलों के प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंगी। नतीजा गुरु पूर्णिमा पर रात में करीब छह घंटे का चक्का जाम लोगों को झेलना पड़ा। ये केवल इस कारण हुआ क्योंकि ट्रक आदि भारी वाहनों को डायवर्ट नहीं किया गया था। यदि समय रहते डायवर्जन किया जाता तो यह समस्या पैदा नहीं होती।
विज्ञापन


जाम के दौरान अमरोहा पुलिस नदारद
गजरौला। मध्य रात्रि में लगे जाम के दौरान अमरोहा के ब्रजघाट चौकी की पुलिस नदारद दिखाई दी। चौकी पर बस दो सिपाही बैठे दिखाई दिए। जबकि हाईवे पर बड़े वाहन एक के पीछे एक कतार लगाने की बजाए एक नई लेन बनाकर आगे आते गए जिससे जाम और बढ़ गया। उन्हें संभालने के लिए पुलिस कर्मी हाईवे पर नहीं थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें