रविवार को गंगा में मामूली कमी, एसडीएम ने लिया जायजा
शनिवार को छोड़ा गया था 75 हजार क्यूसेक पानी, रविवार सुबह में दर्ज हुई मामूली गिरावट
रविवार को अच्छी बारिश के बाद ज्यादा पानी छोड़न की उम्मीद, बढ़ सकता है जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पिछले एक सप्ताह से लगातार हरिद्वार और बिजनौर बैराज से गंगा में पानी छोड़ जा रहा है। इससे लगातार गंगा के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। लेकिन रविवार को इसमें मामूली कमी दर्ज की गई। 0.05 गेज मीटर की कमी गंगा में दिखाई दी। लेकिन रविवार को मैदानी और पहाड़ी इलाकों में अच्छी बारिश के बाद गंगा में हरिद्वार और बिजनौर में पानी की मात्रा बढ़ने के कारण उम्मीद है कि अपने तय मानक से अधिक पानी छोड़ा जाए। यदि 75 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी रविवार की रात में छोड़ा गया तो सोमवार और मंगलवार को गंगा का जलस्तर ज्यादा हो सकता है। रविवार को एसडीएम धनौरा ने तिगरी में पहुंचकर गंगा के जलस्तर का जायजा लिया।
बरसात के कारण लगातार डैम से पानी छोड़ा जा रहा है। पिछले सप्ताह मेें करीब 5.25 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी गंगा में छोड़ा जा चुका है। हालांकि अभी अपने साधारण मानक 60 से 75 हजार क्यूसेक पानी को ही गंगा में रोजाना छोड़ा जा रहा है। लेकिन पिछले तीन दिन से पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है। दो दिन से गंगा में 70 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। रविवार को पहाड़ी इलाकों के साथ ही मैदानी इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई है। ऐसे में उम्मीद है कि गंगा में ज्यादा पानी छोड़ा जाए। रविवार को गुरु पूर्णिमा स्नान को देखते हुए पानी को कम ही छोड़ा गया था ताकि स्नान के दौरान जल ज्यादा न हो और कोई हादसा न हो। रविवार रात और सोमवार में यदि ज्यादा पानी छोड़ा गया तो गंगा दो सौ मीटर के पार पहुंच जाएगी। शनिवार को छोड़ा गया 75 हजार क्यूसेक पानी रविवार सुबह गंगा में पहुंचा। लेकिन तिगरी में शनिवार को दर्ज किया गया जलस्तर 200 गेज मीटर घटकर रविवार को 199.95 गेज मीटर और ब्रजघाट में 199.60 से घटकर 199.55 गेज मीटर रह गया। अब छोड़े गए पानी में गंगा का जलस्तर शनिवार को सबसे ज्यादा दर्ज किया गया था। इस दिन गंगा में 200 गेज मीटर का निशान छू लिया था। रविवार को एसडीएम धनौरा संजीव यादव तिगरी गंगा पहुंचे और बढ़े जलस्तर का मौका मुआयना किया। इस दौरान बाढ़ खंड चौकी पर तैनात कर्मियों व अफसरों को निर्देश दिए कि गंगा में जलस्तर बढ़ने की पल-पल की जानकारी देते रहें। गोताखोरों की टीमों को भी आगाह किया गया। साथ ही गंगा के आसपास बसे गांवों केे ग्रामीणोें को गंगा में न जाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य धार का बहाव रोजाना तेज हो रहा है, जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है।