अमरोहा। अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कोई विवाद नहीं हो, इसके लिए पुलिस ने अपना प्लान तैयार कर लिया है। जिले के करीब 700 लोगों को नजर रखी जा रही है। इसमें करीब 100 लोग ऐसे हैं जो कट्टरपंथी प्रवृति के है। यह सांप्रदायिक विवादों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस और खुफिया तंत्र ने इनकी सूची शासन को भेजी दी है। इसमें राजनैतिक दलों के अलावा हिंदू-मुस्लिम संगठनों के लोग शामिल है। फिलहाल पुलिस और खुफिया तंत्र ऐसे लोगों पर नजर बनाए हुए है।
अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला जल्द आने की संभावना को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर किसी तरह की अफवाह न फैलाने और शरारती तत्वों के बारे में पुलिस को तुरंत बताने का आग्रह किया है। साथ ही जिलेभर के करीब 700 ऐसे लोगों की सूची तैयार की है। जो संप्रदायिक विवाद और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। इनमें से 100 लोग कट्टरपंथी विचारधारा के है। इसमें वह लोग शामिल किए गए है जिनकी छवि भड़काऊ भाषण देने की है। सांप्रदायिक विवादों में संलिप्त रहना, सोशल मीडिया पर दूसरे धर्मों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी कर माहौल खराब करना चाहते हैं। एसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर लिया गया है। जो भी किसी तरह से माहौल खराब करने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। रासुका भी लगाई जाएगी। सोशल मीडिया पर भी पूरी तरह निगरानी रखी जा रही है। कहीं पर कुछ भी गलत होने की सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंचेगी। विवाद के आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी। शरारती तत्वों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा रहेगी चाक चौबंद, जनजीवन रहेगा सामान्य
अमरोहा। एसपी डॉ विपिन ताडा ने कहा कि कोर्ट के आदेश आने के पहले ही जनपद में बाहरी फोर्स पहुंच जाएगी। प्रकरण को लेकर खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। जिलेभर में सुरक्षा की व्यवस्था चाक चौबंद रहेगी। जनजीवन सामान्य रहेगा। रोज की तरह व्यापार होगा। दुकानें खुलेंगी और सब कुछ सामान्य चलेगा। किसी को डरने और घबराने की जरूरत नहीं है। पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए तैनात रहेगी। केवल माहौल खराब करने वालों पर नजर रखें और तत्काल इसकी जानकारी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों को दें।