स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में चल रहे अभियान के 72 दिन में 2.78 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई, जिसमें 550 टीबी के मरीज मिले हैं। इनमें कई मरीज ऐसे हैं, जिनकी उम्र 12 साल से भी कम है। बच्चों में बढ़ती टीबी की बीमारी को देखकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। सात दिसंबर से शुरू हुआ अभियान 24 मार्च तक चलेगा।
सरकार ने साल 2025 में देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस कड़ी में टीबी के मरीजों को घर-घर जाकर खोजा जा रहा है। टीबी के मरीज चिह्नित होने पर उसका निक्षय पोषण योजना में पंजीकरण किया जाता है। निशुल्क इलाज के साथ उसके खाते में पोषण के लिए एक हजार रुपये दिए जाते है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिसंबर से जिले में 100 दिन टीबी जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए टीम में लगाई गई हैं। सात दिसंबर 2024 से मंगलवार तक 550 टीबी के नए मरीज मिले हैं, जबकि 2.79 के सापेक्ष 2.78 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कराई जा चुकी है।
टीबी के सामने आए नए मामलों में अधिकतर मरीज अन्य रोगों से भी पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों के एक्सरे किए जा रहे है। एक्सरे में टीबी होने की संभावना नजर आने पर उन लोगों के टीबी टेस्ट भी किए जा रहे हैं, ताकि रोग की पुष्टि हो सके। अभियान में उन लोगों की जांच भी जा रही है, जो पांच साल में टीबी से पीड़ित पाए गए थे और इलाज के बाद टीबी को हराकर स्वस्थ हो गए थे। ऐसे लोगों के परिवार सदस्यों की टेस्टिंग भी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक टीबी के करीब 2200 मरीज पुराने हैं, जबकि 550 मरीज नए मिले हैं। जिले में अब तक टीबी के मरीजों की संख्या 2750 हो गई है।