इस जानकारी पर डीएम बीके त्रिपाठी ने आला अफसरों के साथ गोशाला का रुख किया। प्राथमिक जांच के बाद उन्होंने 55 गोवंशों की मौत की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा यह गोशाला ग्राम प्रधान रामौतार सिंह और ग्राम पंचायत अधिकारी (वीडीओ) मोहम्मद अनस की देखरेख में संचालित होती है। वीडीओ को निलंबित कर दिया है। चारे की सप्लाई देने वाले किसान ताहिर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पहली बार ताहिर के खेत से चारा खरीदा गया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। विशेषज्ञ टीम से मामले की जांच कराई जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
शासन स्तरीय टीम करेगी जांच
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि सांथलपुर की गोशाला में पशुओं की मौत की जानकारी शासन को भेज दी है। शासन से अपर मुख्य सचिव पशु चिकित्सा रजनीश दुबे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। वह (मंडलायुक्त) स्वयं और प्रदेश के पशु चिकित्सा निदेशक भी इस टीम में शामिल हैं।
कैसे विषैला हुआ चारा, नहीं मिला जवाब
पचपन गोवंश को लील जाने वाला चारा कैसे विषैला हुआ, इसका जवाब फिलहाल अफसरों के पास नहीं है। डीएम का कहना है कि चारे का सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है। फॉरेंसिक टीम ने भी नमूने लिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ताहिर के खेत से पहली बार चारा लिया गया था। पहले कहीं ओर से आता था। यह बदलाव क्यों किया, इस सवाल का जवाब भी तलाशा जाएगा।
गोशाला में बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हुई है। घटना की जानकारी मुख्यमंत्री को दी जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। -महेंद्र सिंह खड़गवंशी, भाजपा विधायक हसनपुर