बदलते मौसम के चलते डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को अस्पताल के खुलते ही मरीजों की भीड़ लग गई। मलेरिया के 53 और डेंगू के पांच आशंकित मरीजों की जांच कराई गई। हालांकि, सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, अस्पताल में अव्यवस्था हावी रही। मरीज इधर-उधर भटकते दिखे। इतना ही नहीं डॉक्टर के इंतजार में मरीज घंटों तक बैठे रहे।
सोमवार सुबह सात बजे से ही जिला अस्पताल में मरीजों की लाइन लग गई। पंजीयन कक्षा के बाहर भारी भीड़ रही तो वहीं, डॉक्टर कक्ष के बाहर भी मरीज की लाइन लगी रही। सोमवार को ओपीडी में 1979 मरीज पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा बुखार, खांसी, जुकाम और त्वचा संबंधी रोगी थे। दोपहर करीब दो बजे तक अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। डॉक्टर कक्ष के बाहर लाइन में लगे मरीज अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। करीब एक से डेढ़ से दो घंटे में मरीज का नंबर आया। यह स्थिति पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टरों के कक्ष के बाहर तक की थी।
दवा लेने के लिए भी मारामारी के हालात बने हुए थे। पैथोलॉजी लैब पर जांच करने के लिए भी भीड़ रही। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते इन दोनों मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सबसे ज्यादा बुखार के मरीज आ रहे हैं। उधर, जिले में अब तक डेंगू के छह और मलेरिया के पांच मरीज मिल चुके हैं। इलाज के बाद सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं।
बुखार के 26 मरीजों का चल रहा इलाज
हर दिन बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। सोमवार को जिला अस्पताल के वार्ड में पांच नए मरीज भर्ती किए गए। इनके साथ 26 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जबकि, सामान्य बुखार वाले मरीजों को दवाई देकर वापस भेजा जा रहा है। बता दें कि अब तक बुखार से पांच लोगों की जान जा चुकी है।