गजरौला। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को गजरौला में दो स्थानों पर छापेमारी की। पुलिस बल को साथ लेकर टीम ने दोनों ही जगहों पर एक क्विंटल 90 किलो सफेद रसगुल्ले नष्ट कराए। वहीं दोनों को ही नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। रसगुल्लों सहित दो दूध के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए गए।
गुरुवार की दोपहर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता अपनी टीम के गजरौला पहुंचे। टीम चौपला चौकी से पुलिस बल को साथ लेकर सुल्तानगर पहुंच गई। यहां सबसे पहले असलम ट्रेडर्स में छापेमारी की गई। यहां जाकिर नाम का व्यक्ति मिला। यहां एक मकान में बड़े स्तर पर सफेद रसगुल्ले बनाने का काम चल रहा था। करीब चार क्विंटल रसगुल्ले बने हुए रखे थे। मौजूद लोगों ने बताया कि यह रसगुल्ला मिठाई की दुकानों पर 90 रुपये प्रति किलो की दर से सप्लाई होता है। टीम को रसगुल्लों के बर्तन में काफी गंदगी मिली। वहीं मक्खियां भी पड़ी हुई थी। इसके अलावा काफी अनियमितताएं सामने आई। इसके बाद प्रेमदत्त के मकान पर छापा मारा गया। यहां भी सफेद रसगुल्ला काफी खराब हालत में था। दोनों ही जगहों से करीब एक क्विंटल नव्वे किलो रसगुल्ला नष्ट करा दिया गया है। टीम ने रसगुल्लों का नमून लेते हुए दोनों को नोटिस जारी कर दिए गए है। अगर नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो फूड लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि सुल्ताननगर में रसगुल्ला बनाने का काम बड़े स्तर पर किया जाता है। छापेमारी होती देख दूसरे लोग अपने अपने शटर गिराकर फरार हो गए। इसके अलावा टीम ने बुधवार की रात भी मुनेश के टैंकर से दूध का नमूना लिया था। वहीं रात में ही शिवा ढाबे के पास दूध का काम करने वाले अहसान पुत्र रईस खां के यहां से भी नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
गौरतलब है कि वार्ड के सभासद अमरीक सिंह भी रसगुल्ला बनाने वालो की शिकायत सीएम तक कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि रसगुल्लों में रसायन मिलाए जा रहे हैं। जिससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। गुरुवार को हुई छापेमारी में पीके जयंत, तन्मय अग्रहरी शामिल रहे।