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250 से ज्यादा घरों में शौचालय नहीं, ओडीएफ के लिए प्रधान हो चुके सम्मानित

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गंगेश्वरी ब्लाक की ग्राम पंचायत पौरारा का मामला, डीएम ने प्रधान को किया था सम्मानित
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अमर उजाला ब्यूरो
गंगेश्वरी।
गांव में अभी 250 से ज्यादा घरों में शौचालय ही नहीं बने हैं, ग्रामीण खुले में शौच को जाने को मजबूर हैं, लेकिन गांव को खुले में शौचमुक्त दिखाकर ग्राम प्रधान सम्मान पा चुके हैं। कई दिन पहले जिलाधिकारी द्वारा ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया चुका है। अब सवाल है कि आखिर कैसे गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। क्या सम्मान के लिए चुने जाने से पूर्व विभाग की ओर से सर्वे नहीं कराया गया था।
गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पौरारा की आबादी करीब पंद्रह हजार है। गांव में करीब 1400 घर बने हुए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पिछली प्रधानी की योजना के दौरान ग्राम प्रधान द्वारा गांव में करीब 950 शौचालय बनवाए गए थे। नया प्रधान बनने के बाद करीब 200 शौचालय ही बनाए गए हैं। जबकि 250 से ज्यादा ऐसे घर हैं, जिनमें शौचालय नहीं है। लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा गांव को खुले में शौच मुक्त दर्शाकर अफसरों की वाहवाही बटोर ली गई। कई दिन पहले जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल द्वारा जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में ऐसे प्रधानों को सम्मानित किया गया था, जिन्होंने अपने गांव को खुले में शौचमुक्त कर दिया है। डीएम से सम्मान पाने वाले प्रधानों में पौरारा के ग्राम प्रधान गंगा प्रसाद का नाम भी शामिल है। सवाल है कि जब गांव में ढाई सौ ज्यादा घरों में शौचालय ही नहीं है, तो गांव को ओडीएफ कैसे घोषित करा लिया गया।
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खंड विकास अधिकारी गंगेश्वरी गजेंद्र सिंह ने बताया कि सर्वे में गांव को खुले में शौचमुक्त दर्शाया गया है। यदि गांव में अभी ढाई सौ से ज्यादा घरों में शौचालय नहीं हैं, तो जांच कराई जाएगी। प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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