अमरोहा के ब्लाक सभागार में लोगों की समस्या सुनते डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी व अन्य अधिकारी।
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विधानसभा और एमएलसी चुनाव की आचार संहित खत्म होने के बाद शनिवार को जिलेभर में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। जिसमें 43 शिकायतें आईं, जिनमें से मात्र 9 का निस्तारण किया गया।
अमरोहा ब्लाक सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने अधीनस्थों की मौजूदगी में शिकायतें सुनीं। इस दौरान चौदह शिकायतें दर्ज की गई। जबकि निस्तारण केवल दो शिकायतों को हो सका। इस दौरान डीएम बीके त्रिपाठी ने अधीनस्थों से कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। मुख्यमंत्री हेल्पलाईन नंबर, आईजीआरएस, थाना दिवस एवं संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनकर निस्तारित करें। साथ ही संबंधित शिकायत का शत-प्रतिशत निस्तारण करें, वरना डिफाल्टर होने की सूचना शासन को दी जाएगी। संपूर्ण समाधान दिवस से कई अधिकारी-कर्मचारी नदारद रहे। डीएम ने एसडीएम विजय शंकर को स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए हैं। गेहूं क्रय केंद्र संचालकों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों का अनाज क्रय किया जाए न कि व्यापारियों का। अगर किसानों के साथ भेदभाव होता है तो संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विकास अधिकारी, तहसीलदार सदर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्राधिकारी आदि मौजूद रहे। वहीं मंडी धनौरा में समाधान दिवस में 13 शिकायतें दर्ज कराई गईं। सर्वाधिक नौ शिकायतें राजस्व विभाग की थी। तीन शिकायत विकास व एक शिकायत पुलिस विभाग की थी। राजस्व की पांच शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे मुख्य विकास अधिकारी चंद्रप्रकाश शुक्ला ने अधीनस्थों को समाधान दिवस मेें आई शिकायतों के गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश दिए। इसके अलावा हसनपुर के ब्लॉक सभागार में एसडीएम अनिल कुमार श्रीवास्तव और सीओ ने लोगों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान कुल 11 शिकायतें दर्ज की गईं। जिसमें दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया जाएगा।