गजरौला। प्रदेश सरकार ने किसानों को पुरस्कार दिए जाने की नीति में इस साल फेरबदल कर दिया है। अबकी बार किसानों के साथ साथ गन्ना समितियों और चीनी मिलों को भी ईनाम दिया जाएगा। जिससे देश में नंबर रहने का स्थान कायम रखा जा सके।
गुरुवार को शासन ने दिशा निर्देश जारी किए। जिसमें कहा गया है कि पिछले सालों में सर्वाधिक गन्ना उत्पादन करने वाले किसानों को पुरस्कार दिए जाते रहे हैं। इस साल उत्तर प्रदेश पूर देश में नंबर प्रथम स्थान पर है। प्रदेश ने गन्ना उत्पादन, चीनी परता और चीनी उत्पादन में देश में पहला स्थान बनाया है। इस स्थान को बनाए रखने के लिए पुरस्कार नीति में बदलाव किया गया है।
प्रदेश में तीन गन्ना समितियों का चयन किया जाएगा। जिन्होंने गन्ना उत्पादन बढ़ाने और किसानों को सुविधाएं देने का बेहतर काम किया है। सूबे में पहला स्थान बनाने वाली समिति को 51 हजार, दूसरे नंबर पर 31 हजार और तीसरे नंबर वाले को 21 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसी क्रम में सबसे अधिक उत्पादन करने वाले तीन किसानों को पुरस्कार दिए जाएंगे। वहीं चीनी मिलों को भी सरकार सम्मानित करेगी। पुरस्कार के लिए गन्ना समितियों में होड़ मच गई है। अपने जिले की भी समितियों ने अपने अपने क्रियाकलापों को सूचीबद्ध करना शुरू कर दिया है।
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शासन से निर्देश मिल चुके हैं। गन्ना उत्पादन करने वाले किसानों की सूची जल्द ही भेजी जाएगी। वहीं गन्ना समितियों और चीनी मिलों के कामकाज को लेकर भी अवगत कराया जाएगा। इस साल समिति और चीनी मिलों को भी पुरस्कार देने की योजना है।
...विजय बहादुर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी