अमरोहा निवासी बीड़ी कारोबारी खालिद परवेज का अमरोहा और बदायूं में कारोबार है। दोनों जगह उनकी कोठी भी बनी हैं। इनकी देखभाल बदायूं के गांव आरिफपुर नवादा निवासी सबीना करती थीं। सबीना की सौतेली बहन शबाना भी उसके पास आती जाती थी। 30 सितंबर 2024 कारोबारी खालिद ने 27.5 लाख रुपये पर्सनल असिस्टेंट गयासुद्दीन को दिए थे।
31 सितंबर को गयासुद्दीन ने उक्त राशि अमरोहा स्थित परवेज विला नाम से बनी कोठी के कमरे में रख दिए थे और उसका ताला लगा दिया था। इस दौरान कारोबारी खालिद परवेज उनके परिवार के सदस्य और शबाना भी मौजूद थी। जिसके बाद गयासुद्दीन खालिद के साथ दिल्ली चला गया।
परवेज विला कोठी की चाबी लैंडमार्क कॉलेज डिडौली में कार्यरत मैनेजर जीशान अहमद को देकर गए थे। लेकिन, शबाना अपनी सास आसमान और पति इकबाल उर्फ टिल्लू के साथ जीशान अहमद के पास पहुंची और कोठी की चाबी मांगी। कहा, कोठी में सबीना का बैग रह गया है। लिहाजा, जीशान तीनों के साथ कोठी पर आए। इस बीच शबाना ने जीशान को चाय बनाकर पिला दी। जिसके बाद जीशान को नशा हो गया। इसका फायदा उठाकर शबाना पति और सास के साथ नोटों से भरा बैग चोरी कर ले गई।
होश में आने पर जीशान ने गयासुद्दीन को इसकी जानकारी दी। चार नवंबर को गयासुद्दीन अमरोहा पहुंचे तो नोटों से भरा बैग गायब था। जिसके बाद कारोबारी खालिद ने शबाना से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल बंद आ रहा है। सीओ अरुण कुमार ने बताया कि मामले में शबाना, उसके पहले पति इकबाल और सास आसमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एमएलसी का चुनाव लड़ चुके हैं बीड़ी कारोबारी
अमरोहा निवासी बीडी कारोबारी खालिद परवेज मलिक बदायूं से बसपा से एमएलसी का चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि, उन्हें जीत नहीं मिली थी। बसपा जिलाध्यक्ष सोमपाल सिंह ने बताया कि खालिद परवेज के बड़े भाई आदिल परवेज ने 2017 में अमरोहा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था।