ढबारसी। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ढबारसी में बिना लाइसेंस संचालित एक अवैध पनीर फैक्टरी पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में मिलावटी दूध, जहरीला पनीर और नकली दूध तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला मिल्क पाउडर व डिटर्जेंट बरामद किया गया। विभाग ने मौके पर ही 67 हजार रुपये से अधिक कीमत का मिलावटी दूध और पनीर नष्ट करा दिया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मीरा सिंह के नेतृत्व में टीम ने ढबारसी स्थित एके रिसोर्ट के सामने संचालित मैसर्स शाकिर पनीर भंडार पर छापा मार कार्रवाई की। मौके पर संचालक शाकिर चौधरी मौजूद मिला। जांच में फैक्टरी बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाई गई। निरीक्षण के दौरान 800 लीटर क्षमता के स्टील टैंक में 300 लीटर दूध तथा एक प्लास्टिक ड्रम में 360 लीटर संदिग्ध मिलावटी दूध मिला। इसके अलावा खुले मिल्क पाउडर और डिटर्जेंट पाउडर के पैकेट भी बरामद हुए, जिनका उपयोग नकली दूध और पनीर तैयार करने में किया जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 360 लीटर मिलावटी दूध और 220 किलोग्राम पनीर को गड्ढा खुदवाकर नष्ट करा दिया। विभाग ने दूध और पनीर के नमूने भी लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र के मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया।
240 रुपये किलो में बेचा रहा था नकली पनीर
प्रारंभिक जांच में पता चला कि फैक्टरी में तैयार किया जा रहा नकली पनीर करीब 240 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाता था। कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए मिलावटी दूध और रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है।
स्थानीय बाजार से लेकर दिल्ली तक थी सप्लाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, फैक्टरी में तैयार पनीर की सप्लाई केवल ढबारसी और आसपास की दुकानों तक सीमित नहीं थी। इसे दिल्ली के बाजारों में भी भेजा जाता था। विभाग अब इस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
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ढबारसी में अवैध रूप से संचालित पनीर फैक्टरी के निरीक्षण के दौरान डिटर्जेंट और मिल्क पाउडर से तैयार केमिकलयुक्त दूध व पनीर बरामद हुआ है। मौके पर बड़ी मात्रा में मिलावटी दूध और पनीर नष्ट कराया गया। इस तरह के खाद्य पदार्थ लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। क्षेत्र में मिलावटखोरों और अवैध खाद्य कारोबारियों के खिलाफ आगे भी लगातार सघन अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-मीरा सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, हसनपुर