गजरौला (गजरौला)। शीर्षक पढ़कर हैरान होना स्वाभाविक है लेकिन है बिल्कुल सच। जी हां, गजरौला डिवीजन में लगभग 22 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं। जिन्होंने आज तक बिजली का बिल ही जमा नहीं किया। इन्हें विभाग ने आरसी भी जारी की हुई है। इनमें लगभग छह सौ उपभोक्ता शहरी क्षेत्र के हैं।
गजरौला डिवीजन में बिजली के बिल जमा नहीं करने वालों की फेहरिस्त काफी लंबी है। इसमें कई औद्योगिक इकाइयां और बड़े-बड़े होटल, रेस्टोरेंट के साथ ही सरकारी विभाग भी शामिल हैं। एक करोड़ से ऊपर की बकाएदार एक पेपर मिल तो न जाने कब की बंद भी हो चुकी है। इन सभी को विभाग ने आरसी भी जारी की हुई है लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि गजरौला डिवीजन के लगभग 83 हजार उपभोक्ताओं में लगभग 22 हजार उपभोक्ता ऐसे भी हैं जिन्होंने कनेक्शन लगने के बाद से आज तक बिजली का बिल जमा ही नहीं किया। इनमें एक वर्ष से लेकर आठ वर्ष तक की अवधि वाले उपभोक्ता शामिल हैं। वहीं इनमें लगभग 60 फीसदी उपभोक्ता ऐसे भी हैं कि जिनका एक से लेकर ढाई-तीन वर्ष की अवधि में सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन हुए थे। इन्होंने भी कनेक्शन लेने के बाद से बिजलीघर की ओर कभी रुख नहीं किया। इनमें लगभग छह सौ उपभोक्ता गजरौला शहर के ही हैं। इन्होंने भी कभी बिल जमा करने की जहमत नहीं उठाई।