हसनपुर(अमरोहा)। अवैध कारतूस प्रकरण में निरस्त हो चुकी शस्त्र की दुकान में जमा शस्त्रों को डीएम के आदेश पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दुकान खुलवा कर दूसरी दूसरी शस्त्र दुकान में नियमानुसार शिफ्ट कराया गया है। मंगलवार की देररात तक असलहा शिफ्टिंग की गई।
22 अप्रैल 2022 को फिरोजाबाद जिले में टूंडला की राजकीय रेलवे पुलिस ने टूंडला जंक्शन से फिरोजाबाद के कारतूस तस्कर सगे भाई सादाब व फैजान को गिरफ्तार कर किया था। पुलिस ने उनके पास से 315 व 32 बोर के करीब 700 कारतूस बरामद किए थे। पूछताछ में आरोपियों ने हसनपुर निवासी प्रतीक सक्सेना से कारतूस खरीदने की बात की थी। प्रतीक सक्सेना के पिता सुशील चंद्र सक्सेना की हसनपुर में हरदयाल एंड संस आर्मरी की दुकान है। कारतूस प्रकरण में प्रतीक का नाम सामने आने के बाद स्थानीय कोतवाली में भी उसके साथ ही पिता सुशील सक्सेना के खिलाफ 12 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। डीएम बीके त्रिपाठी के आदेश पर दुकान को सील कर दिया था तथा समस्त रिकार्ड भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद दोनों पिता पुत्रों पर गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई और प्रतीक की जमीन व पिता के घर की कुर्की भी की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने दुकान का लाइसेंस भी निरस्त दिया था। मंगलवार को डीएम के आदेश के बाद एसडीएम विजय शंकर, सीओ अभिषेक कुमार यादव ने दुकान की सील तोड़ी थी। देर रात तक असलहा शिफ्टिंग का कार्य पूरा कराया गया। असलहा को नगर की ठाकुर आर्मरी पर शिफ्ट कराया गया है। सीओ अभिषेक कुमार यादव ने बताया कि निरस्त दुकान से 213 शस्त्र और करीब पांच हजार कारतूसों को ठाकुर आर्मरी में शिफ्ट कराया गया है।