अमरोहा। सऊदी अरब में शिया समुदाय के बेगुनाह 37 लोगों पर आतंकवाद होने के फर्जी मुकदमे लगाकर उनके सर कलम कर दिए गए थे। उसी के सिलसिले के विरोध में जिले के शिया समुदाय की अन्जुमन तहफ्फजे अजादारी संगठन ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इंटरनेशनल कानूनों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति को संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा और सऊदी अरब सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की निंदा की।
शुक्रवार को अंजुमन तहफ्फजे अजादारी के तमामा पदाधिकारी एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां सऊदी अरब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को सौंपकर बताया कि अरब सरकार ने एक ही दिन में शिया समुदाय के 37 लोगों पर आतंकवाद के फर्जी मुकदमे लगाकर एक तरफा कार्रवाई करते हुए बेगुनाह लोगों के सर कलम कर दिए हैं। इतना ही नहीं 18 साल से कम उम्र के बच्चों की हत्या कर इंटरनेशनल कानूनों की धज्जियां उड़ाई हैं। अंजुमन तहफ्फजे अजादारी अरब सरकार की निंदनीय अवमानीय कार्रवाई को सरकारी आतंकवाद मानती है। हर आतंकवाद की खुले अंदाज में निंदा करती है। वो चाहे पुलवामा में सीआरपीएफ पर पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित हमला, न्यूजीलैंड की मस्जिद में बेगुनाह नमाजियों को एक यहूदी द्वारा गोलियों से भून देना, या फिर श्रीलंका के चर्च में लोगों का नरसंहार। सऊदी अरब सरकार के जरिए बेगुनाह लोगों का सर कलम करना मानवता के विरुद्घ निंदनीय आतंकी कार्रवाई है। लिहाजा भारत सरकार सऊदी अरब सरकार की इस कार्रवाई को आतंकवादी कार्रवाई घोषित करें।